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Cyber Fraud: बिहार में साइबर ठगी का भाड़ाफोड़, डिजिटल अरेस्ट से बनाए 7 करोड़ रुपये; 3 गिरफ्तार

Cyber Fraud: बिहार के मोतिहारी पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

Cyber Fraud
साइबर ठगी
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Cyber Fraud: बिहार के मोतिहारी पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह निवेश और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर फ्रॉड करता आया है और अब तक लगभग 7 करोड़ रुपये ठग चुका है।


दरअसल, मोतिहारी साइबर थाने के डीएसपी अभिनव परासर ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तकनीकी टीम ने पटना, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी समेत कई स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के काशी पकड़ी निवासी जितेंद्र कुमार, सीतामढ़ी के गाढ़ा प्रेमनगर निवासी अमल प्रकाश और पुनौरा थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी बरामद हुए।


साइबर ठगी का यह मामला तब उजागर हुआ जब पुलिस को पूर्वी चंपारण के मधुबन में दुलमा के रहने वाले भरत प्रसाद के बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन की सूचना मिली। पूछताछ में भरत ने बताया कि उसे एक बिजनेस लोन लेना था, लेकिन उसका सिबिल स्कोर ठीक नहीं था। आरोपियों ने भरत को यह भरोसा दिलाया कि वे उसके खाते में ट्रांजेक्शन करके उसका सिबिल स्कोर सुधार देंगे। इसके लिए भरत ने अपने खाते की जानकारी, एटीएम और 5 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए।


इसके बाद 27 से 30 मई के बीच शातिरों ने भरत के खाते में 1 करोड़ 49 लाख 50 हजार 162 रुपये ट्रांसफर कर निकाल लिए। यह रकम गिरोह ने साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से अन्य पीड़ितों से भी वसूली थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने नीति से लोगों को फंसाया और बड़ी ठगी की योजना बनाई थी।


डीएसपी अभिनव परासर ने चेतावनी दी है कि लोग ऑनलाइन निवेश और डिजिटल लेनदेन में सतर्क रहें और किसी को भी अपने बैंक अकाउंट और व्यक्तिगत विवरण साझा न करें। पुलिस ने मामले में और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।