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Bihar Board का बड़ा फैसला: छात्रों को मिलेगी 24 घंटे सवाल पूछने की सुविधा, जानें कैसे करेगा काम

Bihar Board ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। 15 अगस्त से 688 स्कूलों में छात्र लर्निंग आईडी और एप से 24 घंटे सवाल पूछ सकेंगे।

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Tejpratap
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Bihar News:  बिहार के स्कूली छात्रों के लिए पढ़ाई को आसान और ज्यादा इंटरैक्टिव बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत छात्र पढ़ाई से जुड़े सवाल घर बैठे पूछ सकेंगे और उन्हें विशेषज्ञ शिक्षकों से जवाब भी मिलेगा।


जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त 2026 से राज्य के 688 चयनित स्कूलों में इस सुविधा की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए विद्यार्थियों को लर्निंग आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। इसी आईडी और संबंधित एप के माध्यम से छात्र अपने सवाल शिक्षकों तक पहुंचा सकेंगे।


पढ़ाई में अटकने पर नहीं करना होगा अगले दिन का इंतजार

नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि विद्यार्थियों को अपने सवालों के जवाब के लिए अगले दिन स्कूल पहुंचने या शिक्षक से मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। छात्र किसी भी समय पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछ सकेंगे।


इसका उद्देश्य खास तौर पर उन विद्यार्थियों की मदद करना है जिन्हें किसी विषय या अध्याय को समझने में परेशानी होती है। कई बार कक्षा में समय कम होने के कारण छात्रों के सभी सवालों का जवाब नहीं मिल पाता। ऐसे में इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म उनके लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता का काम करेगा।


स्क्रीन पर दिखेगा 10 शिक्षकों का पैनल

इस सुविधा में छात्रों को शिक्षकों का एक पैनल भी दिखाई देगा। स्क्रीन पर 10 शिक्षकों का पैनल उपलब्ध रहेगा। विद्यार्थी अपने सवाल के विषय के अनुसार शिक्षक से मदद ले सकेंगे।


सवाल पूछने के बाद विशेषज्ञ शिक्षक उसका जवाब देंगे। इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों में अपनी शंकाएं दूर करने का अवसर मिलेगा। बोर्ड की यह पहल खास तौर पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के छात्रों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।


लर्निंग आईडी से मिलेगा डिजिटल सपोर्ट

इंटरैक्टिव लर्निंग सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए छात्रों को लर्निंग आईडी दी जाएगी। इसी पहचान के माध्यम से विद्यार्थी एप पर लॉगिन कर सकेंगे और अपनी पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछ सकेंगे।


डिजिटल माध्यम से मिलने वाली इस सुविधा से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए स्कूल के अलावा एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म मिलेगा। इससे उन छात्रों को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है जो किसी विषय में बार-बार अभ्यास या अतिरिक्त मार्गदर्शन चाहते हैं।


पहले 688 स्कूलों में लागू होगी व्यवस्था

बिहार बोर्ड की यह सुविधा फिलहाल राज्य के 688 चयनित स्कूलों में शुरू की जा रही है। 15 अगस्त से इसके शुरू होने के बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों के अनुभव के आधार पर आगे इसकी पहुंच बढ़ाई जा सकती है।


शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह पहल छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खासकर कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई में विषयों की कठिनाई बढ़ने के कारण छात्रों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता काफी उपयोगी हो सकती है।


छात्रों को क्या फायदा होगा?

इस सुविधा के जरिए विद्यार्थी घर बैठे अपने सवाल पूछ सकेंगे। उन्हें विशेषज्ञ शिक्षकों से जवाब मिलेगा और पढ़ाई के दौरान आने वाली शंकाओं को दूर करने के लिए एक अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध होगा।


अगर यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो बिहार के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलने का लाभ मिल सकता है। 15 अगस्त से शुरू होने वाली यह सुविधा बिहार की स्कूली शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकती है।