VIGILANCE RAID IN GAYA: हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर घूसखोर बिहार में काम कर रहे हैं। लाख कोशिशों के बावजूद वो अपनी करतूतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहे हैं। रिश्वत लेने की उनकी यह जिद्द आज नहीं तो कल उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा रही है। ताजा मामला बिहार के गया जिले का है जहां निगरानी की टीम ने मनरेगा पंचायत रोजगार सेवक को 10 हजार रूपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार घूसखोर की पहचान रजनीकांत राय के रूप में हुई है। जो गया के ईमामगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मल्हारी के मनरेगा पंचायत रोजगार सेवक हैं। 07.03.2025 को निगरानी थाना कांड सं0-08/25 रजनीकांत राय पर दर्ज किया गया है। घूसखोर रजनीकांत को ईमामगंज बाजार स्थित अनिल सिंह के मकान के पहले तले पर स्थित इनके प्राईवेट आवास से रंगे हाथ घूस लेते विजिलेंस ने दबोचा है।
बता दें कि गया के इमामगंज थाना अंतर्गत मल्हारी ग्राम के रहने वाले सेवक यादव के पुत्र जितेंद्र यादव ने निगरानी अन्वेंषण ब्यूरों में 28 फरवरी 2025 को रजनीकांत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया था। उस समय जितेंद्र यादव ने निगरानी को बताया था कि आवास योजना में मेरा नाम जोड़ने के लिए मनरेगा पंचायत रोजगार सेवक 10,000/- (दस हजार) रूपये रिश्वत की मांग कर रहा है। पीड़ित की शिकायत के सत्यापन के क्रम में निगरानी ब्यूरों ने आरोपी रजनीकांत राय को दस हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया।
प्रथम द्रष्टया आरोप सही पाये जाने के पश्चात उपरोक्त कांड अंकित कर अनुसंधानकर्त्ता पवन कुमार II, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया, जिनके द्वारा कार्रवाई करते हुए अभियुक्त रजनीकांत राय, मनरेगा पंचायत रोजगार सेवक मल्हारी थाना- ईमामगंज, जिला गया को 10,000/- (दस हजार) रुपये रिश्वत लेते हुए ईमामगंज बाजार स्थित अनिल सिंह के मकान के प्रथम तल पर स्थित इनके प्राईवेट आवास से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। घूस लेने के आरोपी रजनीकांत को पूछताछ के लिए निगरानी की टीम अपने साथ पटना ले गयी है जहां निगरानी कोर्ट में उसे पेश किया जाएगा।








