Bihar election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, बीती रात तक चली लंबी बैठक में गठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों की संख्या पर सहमति बन गई है। हालांकि, कुछ सीटों पर दावेदारी को लेकर अब भी हल्का विवाद बना हुआ है।
देर रात तक चली बैठक में तय हुआ फार्मूला
सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे का मूल फार्मूला तय हो चुका है। कल देर रात चली बैठक के बाद आज सुबह हुई बातचीत के बाद सीट शेयरिंग का मामला सुलझा.
लालू यादव और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, सीट बंटवारे को लेकर लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच देर रात फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद कई अटकी हुई सीटों पर सहमति बन गई है। महागठबंधन के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अब केवल कुछ तकनीकी मुद्दे बचे हैं, और सीट शेयरिंग का औपचारिक ऐलान किसी भी वक्त हो सकता है।
जानकार सूत्रों के मुताबिक सीट शेयरिंग का ये फॉर्मूला तय हुआ है.
राजद (RJD) को 135 सीटें
कांग्रेस को 55 सीटें,
वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) को 18 सीटें,
भाकपा-माले को 20 सीटें,
सीपीआई को 6 सीटें,
सीपीएम को 4 सीटें,
जेएमएम को 2 सीटें,
आरएलजेपी को 2 सीटें
आईपी गुप्ता को 1 सीट मिलने की संभावना है।
बैठक में यह भी तय किया गया है कि कुछ सीटों पर घटक दलों के बीच कैंडिडेट एडजेस्टमेंट (Candidate Adjustment) का फार्मूला अपनाया जाएगा, यानी कुछ सीटें एक दल के खाते में जाएंगी लेकिन उस पर उम्मीदवार किसी सहयोगी दल का होगा।
किन सीटों पर फंसा है पेंच?
महागठबंधन के अंदर अब भी करीब एक दर्जन सीटों पर जिच बरकरार है। सूत्रों के मुताबिक वीआईपी पार्टी ने आरजेडी की शेखपुरा, सिमरी बख्तियारपुर, भभुआ, बड़हरा, महिषी और गौराबराम सीटों पर दावा ठोका है। वहीं कांग्रेस ने आरजेडी की बायसी, बहादुरगंज और सहरसा सीटों पर दावा जताया है।
उधर, आरजेडी खुद भाकपा-माले की घोसी और पालीगंज सीट चाहती है। सीपीआई ने भी हरलाखी सीट पर अपना दावा किया है। जेएमएम को कटोरिया और मनिहारी सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है।इसके अलावा, आरएलजेपी प्रमुख पशुपति कुमार पारस ने कुशेश्वरस्थान या वैशाली में एक सीट के साथ मोकामा सीट की मांग की है, ताकि सूरजभान सिंह को एडजस्ट किया जा सके।
जल्द होगा ऐलान
जानकारी के अनुसार, सीट शेयरिंग का फार्मूला बीती रात ही तय कर लिया गया है, अब सिर्फ औपचारिक घोषणा का समय तय किया जा रहा है। महागठबंधन के अंदर माना जा रहा है कि लालू यादव की मंजूरी के बाद सभी दल संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीट बंटवारे का ऐलान करेंगे।
राजनीतिक हलचल तेज
महागठबंधन के इस सीट फार्मूले के तय होते ही बिहार की सियासत में नई हलचल मच गई है। एनडीए पहले ही सीटों पर चर्चा के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए है। ऐसे में अब दोनों गठबंधनों की घोषणाओं के बाद बिहार की चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो जाएगी। महागठबंधन में लंबी बातचीत और मतभेदों के बाद आखिरकार सीट शेयरिंग का फार्मूला तय हो चुका है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि औपचारिक घोषणा कब होती है और कौन सी सीटें किस दल के खाते में जाती हैं। बिहार का राजनीतिक तापमान अब तेजी से चढ़ने लगा है।






