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कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, मूंग की फसलें डूबने से किसानों को भारी नुकसान

MADHUBANI: 20 जून की रात 8 बजे कोसी बराज से 2 लाख 39 हजार 515 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने के कारण कोसी नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो गयी है। चारों ओर पानी फैल गया है। मधेपुर प्

कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, मूंग की फसलें डूबने से किसानों को भारी नुकसान
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MADHUBANI: 20 जून की रात 8 बजे कोसी बराज से 2 लाख 39 हजार 515 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने के कारण कोसी नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो गयी है। चारों ओर पानी फैल गया है। मधेपुर प्रखंड के बसीपट्टी, भरगामा और बकुआ पंचायत स्थित कोसी की मुख्य धारा से पानी भर गया है। गढ़गांव, बसीपट्टी पूर्वी भाग एवं भरगामा पंचायत में मूंग की फसलें डूबने से किसानों में मायूसी छाई हुई है।


बता दें कि नेपाल की तराई क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी में गुरुवार रात अचानक से उफान आ गया। अचानक हुए जलस्तर में वृद्धि से मधेपुर प्रखंड के कोसी दियारा क्षेत्र स्थित कोसी के गर्भ में बसे गढ़गांव पंचायत में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। गढ़गांव पंचायत के करीब पांच हजार की आबादी अचानक आई इस बाढ़ से चारों ओर से घिर गई है। गढ़गांव पंचायत के पैक्स चेयरमैन खुर्शीद आलम ने बताया कि निचले इलाके में खेतों में लगी (दलहन) मूंग की फसल बाढ़ की पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। 


पैक्स चेयरमैन ने बताया कि सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण निजी नाव के सहारे जैसे-तैसे लोग आवागमन कर रहे है और बधार से पशुचारा लाने का काम कर रहे हैं। मालूम हो कि गढ़गांव पंचायत भौगोलिक बनावट के तहत गहराई भूभाग में अवस्थित है। गढ़गांव के मेनाहि के वार्ड मेंबर मिथिलेश सिंह सहित ग्रामीण गौरी सिंह, जयप्रकाश यादव, रविंद्र साह, प्रभु मुखिया, विनोद सिंह ने बताया कि सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं रहने के कारण हमलोगों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 


चारों तरफ बाढ़ का पानी फैला हुआ है जिस कारण पशु चारा लेने के लिए भी कहीं निकालना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतों के समान के लिए भी घरों से बाहर बाजार जाने के लिए निकल नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी चारों ओर से घिर गया है जाएं तो जाएं कहां। इसी तरह गढ़गांव के असुरगढ़ महादलित टोला भी बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिरा हुआ है लोग अपने घरों से बाहर कमर तक के पानी को तैरकर पशु चारा सहित अन्य जरूरी सामानों के लिए बाहर निकल पाते हैं। फिलहाल बाढ़ का पानी लोगों के घरों में नहीं घुसा है। यदि बारिश हुई तो स्थिति भयावह हो सकती है।

कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, मूंग की फसलें डूबने से किसानों को भारी नुकसान


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मधुबनी से कुमार गौरव की रिपोर्ट


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रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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