Land for Job case : लैंड फॉर जॉब मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आरोप तय होने के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से एक भावुक और आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए पार्टी की विरासत को खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया है।
रोहणी ने सोशल मिडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि -बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं .. हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर "अपने" ही आमादा हो जाते हैं .. जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है ..तब "विनाशक" ही आँख - नाक और कान बन बुद्धि - विवेक हर लेता है ..
दरअसल, लैंड फॉर जॉब मामला लालू यादव के रेल मंत्री कार्यकाल से जुड़ा है। इस मामले में आरोप है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन ली गई। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद अब अदालत में आरोप तय होने से सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर राजद और लालू परिवार पर हमला बोल रहा है, वहीं राजद इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है।
रोहिणी आचार्य का बयान ऐसे समय में आया है जब राजद के भीतर नेतृत्व, भविष्य की राजनीति और पार्टी की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उनके पोस्ट को कई लोग पार्टी की एकजुटता बनाए रखने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं, तो वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे आंतरिक असंतोष की अभिव्यक्ति मान रहे हैं।
जबकि कुछ राजद समर्थकों ने सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य के बयान का समर्थन किया है और इसे लालू यादव की विरासत की रक्षा की आवाज बताया है। वहीं विपक्ष ने इस पर तंज कसते हुए कहा है कि कानूनी मामलों से ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक बयान दिए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप तय होने के बाद सिर्फ कानूनी ही नहीं, बल्कि सियासी और भावनात्मक लड़ाई भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राजद इस संकट से कैसे उबरता है और बिहार की राजनीति में इसका क्या असर पड़ता है।






