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जिस बेटे का पिता ने 20 साल पहले किया था श्राद्ध, लॉकडाउन में लौटा घर

LAKHISARAI: एक तरफ जहां कोरोना लोगों के अपनो से दूर कर रही है तो वहीं मध्य प्रदेश में ठीक इसके उलट कोरोना महामारी के कारण एक परिवार के लिए उनका मरा हुआ बेटा जिंदा लौट आया. मामला बिहार

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

LAKHISARAI: एक तरफ जहां कोरोना लोगों के अपनो से दूर कर रही है तो वहीं मध्य प्रदेश में ठीक इसके उलट कोरोना महामारी के कारण एक परिवार के लिए उनका मरा हुआ बेटा जिंदा लौट आया.  

मामला बिहार के लखीसराय के बड़हिया के खपटहा डीह गांव की है. दरअसल खपटहा डीह गांव के मिश्री सिंह का बेटा रमाकांत सिंह 1999 में 20 साल की उम्र में चोरी करने के बाद  घर से भाग गया था, जिसके बाद वह नहीं लौटा, उसके माता-पिता 12 वर्ष तक उसके आने का इंतजार करते रहे और उसकी काफी खोजबीन की थी. लेकिन वह लौटकर वापस नहीं आया. जिसके बाद परिवार ने उसे मृत मानकर उसका श्राद्धकर्म तक कर दिया था.

 बुधवार को रमाकांत गंगासराय क्वारेंटिन सेंटर में  पाया गया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गये. उसने बताया कि श्राद्धक्रम के बाद वह एक बार गांव आया था, लेकिन कोई उसे पहचान नहीं सका था, जिसके बाद वह निराश होकर दिल्ली वौट गया था. लॉकडाउन में फंसने के बाद उसने घर लौटने को सोचा. परिजन अपने बेटे के लौट आने की बात जानते ही काफी खुश है. वहीं अब रमाकांत भी गांव में ही रहना चाहता है.

रमाकांत ने बताया कि वह गांव से भागकर दिल्ली चला गया था. जहां ई-रिक्शा चलाकर जीविकोपार्जन करता था, लेकिन वॉकडाउन के कारण काम-धंधा बंद हो गया और वह पैदल अपने गांव लौट आया.