ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

बिहार : कृषि कानून के खिलाफ विपक्षी दलों का प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ खूब लगाये नारे

PATNA : केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में आज वामदलों और विपक्षी पार्टियों ने राज्यव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाया. पहले से निर्धारित कार्य

बिहार : कृषि कानून के खिलाफ विपक्षी दलों का प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ खूब लगाये नारे
First Bihar
2 मिनट

PATNA : केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में आज वामदलों और विपक्षी पार्टियों ने राज्यव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाया. पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत हर जिले में विशाल धरना प्रदर्शन और प्रतिरोध मार्च का आयोजन किया गया. प्रदर्शन के बाद नेताओं ने पीएम मोदी का पुतला दहन भी किया. 


इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गरीब, किसान और मजदूर विरोधी सरकार है. केंद्र सरकार को अविलंब किसानों से सम्मानजनक वार्ता कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए या फिर कृषि कानून को वापस लेना चाहिए. 


प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के किसानों के हित में कृषि सुधार कानून को वापस ले लेना चाहिए क्योंकि यह काला कानून किसानों के हित में नहीं है. साथ ही दिल्ली में चल रहे आंदोलनकारियों पर छोड़ी जा रही आंसू गैस और पानी की बौछारों की भी कड़ी निंदा की गई. नेताओं ने कहा कि यदि सरकार इस मसले पर जल्द से जल्द कोई प्रतिक्रिया नहीं देती है वो सभी विपक्षी एकजुट होकर आंदोलन को और तेज करेंगे और देशविरोधी कृषि कानून का जमकर विरोध करेंगे.

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें