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केके पाठक और अतुल प्रसाद के बीच नहीं नहीं बनी बात! BPSC-शिक्षा विभाग के झगड़े को खत्म करने के लिए सीएम नीतीश ने बुलाई थी बैठक

PATNA: सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में केके पाठक और बीपीएससी अध्यक्ष अतुल प्रसाद के साथ सीएम नीतीश की बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शिक्षकों और शिक्षा विभ

केके पाठक और अतुल प्रसाद के बीच नहीं नहीं बनी बात! BPSC-शिक्षा विभाग के झगड़े को खत्म करने के लिए सीएम नीतीश ने बुलाई थी बैठक
Mukesh Srivastava
4 मिनट

PATNA: सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में केके पाठक और बीपीएससी अध्यक्ष अतुल प्रसाद के साथ सीएम नीतीश की बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस्तेमाल को लेकर बीपीएससी और शिक्षा विभाग के बीच विवाद को सुलझाने के लिए सीएम नीतीश ने सोमवार को दोनों अधिकारियों को सीएम हाउस बुलाया था। इस दौरान सीएम ने केके पाठक और अतुल प्रसाद को आदेश दिया है कि दोनों इस विवाद को खत्म करें और आपसी तालमेल के साथ काम करें।


दरअसल, बिहार में शिक्षकों की भर्ती के लिए बीपीएससी ने पिछले दिनों परीक्षा आयोजित की थी। फिलहाल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच चल रही है। दस्तावेजों के जांच के तौर-तरीके को लेकर बीपीएससी और शिक्षा विभाग के बीच विवाद खड़ा हो गया है। बीपीएससी के चेयरमैन अतुल प्रसाद और शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक लगातार एक-दूसरे पर कार्यक्षेत्र में दखल देने का आरोप लगा रहे हैं। मामले में मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के दखल के बावजूद अतुल प्रसाद और केके पाठक अपने रुख पर अड़े रहे और पत्र के माध्यम से दोनों एक दूसरे हमलावर बने रहे।


केके पाठक और अतुल प्रसाद के बीच चल रहे विवाद को लेकर सरकार की हो रही किरकीरी के बाद सीएम ने सोमवार को दोनों अधिकारियों को अपने आवास पर बुलाया और कहा कि इस विवाद के कारण जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है। ऐसे में अहंकार को छोड़ आपसी तालमेल से काम करें। कहा जा रहा है कि सीएम के साथ मीटिंग के दौरान अतुल प्रसाद और केके पाठक अपने-अपने स्टैंड पर अड़े रहे और खुद को सही ठहराते रहे। 


बता दें कि, राज्य के माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय में चल रही 1.70 लाख शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया का डॉक्यूमेंट सत्यापन का कार्य चल रहा है। इसको लेकर कई जगहों पर टीचरों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के सचिव ने पत्र लिखकर कहा था कि टीचरों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के कार्य में लगाने से शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ रहा है। इसके बाद बिहार सरकार के तरफ से टीचरों की ड्यूटी रद्द कर दी गई थी।


वहीं, टीचरों की ड्यूटी रद्द होने के बाद अब बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नाराजगी सामने आई थी।  इस विवाद को लेकर केके पाठक और अतुल प्रसाद के बीच ठन गई। इसके बाद बीपीएससी और शिक्षा विभाग के बीच पत्र के जरिए संग्राम छिड़ गया। शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक ने बीपीएससी को कानूनी कार्रवाई तक की चेतावनी दे दी। सरकार की हो रही फजीहत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले में हस्तक्षेप किया है और दोनों अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है। अब देखने वाली बात होगी कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद दोनों अधिकारियों के बीच विवाद कब खत्म होता है।



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रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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