KISHANGANJ: बिहार में NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। किशनगंज जिले के बहादुरगंज इलाके के रहने वाले मोहम्मद सदाकत ने दावा किया है कि वह पिछले 4 महीने से रूस में रह रहा है, इसके बावजूद बिहार पुलिस ने छात्र आंदोलन के दौरान उसके खिलाफ FIR दर्ज कर दिया है।
मोहम्मद सदाकत ने रूस से एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि वह पिछले सप्ताह हुए छात्र आंदोलन में शामिल भी नहीं था, क्योंकि वह पिछले 4 महीने पहले से रूस में रह रहा है। वह कैसे छात्र आंदोलन में शामिल हो गया? मेरे खिलाफ गलत केस दर्ज किया गया है। जो बिल्कुल गलत बात है। मोहम्मद सदाकत ने बिहार पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्राथमिकी से नाम हटाने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो सदाकत का वीडियो
रूस में रह रहे किशनगंज निवासी मोहम्मद सदाकत ने जो वीडियो अपलोड किया है वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। फर्स्ट बिहार भी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
वायरल वीडियो में मोहम्मद सदाकत कह रहा है कि बहादुरगंज प्रशासन ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दिया है, जबकि वह घटना के समय भारत में मौजूद ही नहीं था। उसने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की अपील की है।
पुलिस ने क्या कहा?
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरिमोहन शुक्ला ने युवक के दावे की ना तो पुष्टि की और ना ही खंडन किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को शिकायत है तो वह पुलिस से संपर्क कर सकता है और मामले की जांच कराई जाएगी।
छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने लिया था बड़ा फैसला
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के दौरान बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में बिहार सरकार ने घोषणा किया कि छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मामले वापस लिए जाएंगे और आंदोलन के दौरान गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाएगा। गृह विभाग ने इसे लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी। जिसके बाद आंदोलन के दौरान जेल गये छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू की गयी। वही जिनके ऊपर एफआईआर हुआ था, उसे भी हटा लिया गया।
बिहार बंद के दौरान हुई थीं झड़पें
25 जुलाई को आइसा समेत कई छात्र संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया था। इस दौरान राज्य के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं। पुलिस ने कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें से कई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब मोहम्मद सदाकत के दावे के बाद एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया और उसकी जांच को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
सदाक़त भाई पिछले 4 महीने से रूस में हैं अब बिहार पुलिस ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट में शामिल होने के चलते इनपे FIR कर दिया है 🤡🤭 pic.twitter.com/pCubmnoPnV
— RAJSHEKHAR VERMA (@shekhar_br02) July 29, 2026





