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Bihar mining department : खान एवं भू-तत्व विभाग में सालों से जमे डाटा एंट्री ऑपरेटरों का तबादला तय, इस दिन से लागू होगी नई नीति

खान एवं भू-तत्व विभाग के जिला खनन कार्यालयों में वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थापित डाटा एंट्री ऑपरेटरों के तबादले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

Bihar mining department : खान एवं भू-तत्व विभाग में सालों से जमे डाटा एंट्री ऑपरेटरों का तबादला तय, इस दिन से लागू होगी नई नीति
Tejpratap
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Bihar mining department : खान एवं भू-तत्व विभाग के जिला खनन कार्यालयों में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित डाटा एंट्री ऑपरेटरों के तबादले की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। विभाग ने इस दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं और सभी जिलों से ऐसे डाटा एंट्री ऑपरेटरों की विस्तृत सूची तलब की है, जो तीन वर्ष, पांच वर्ष अथवा उससे अधिक समय से एक ही कार्यालय में तैनात हैं। सूची प्राप्त होते ही संबंधित कर्मियों का स्थानांतरण किया जाएगा। विभागीय स्तर पर इसे एक अहम प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।


विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कदम जिला खनन कार्यालयों के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और संभावित अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले कुछ समय से कई जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कर्मियों के कारण कार्यालयों में एकाधिकार जैसी स्थिति बन गई है। इससे न केवल निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी, बल्कि नियमों के पालन और कार्यप्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे थे।


सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही कार्यालय में तैनात रहने से डाटा एंट्री ऑपरेटरों के पास संवेदनशील सूचनाओं और प्रक्रियाओं पर अत्यधिक नियंत्रण की स्थिति बन जाती है। खनन पट्टों, रॉयल्टी, परिवहन परमिट और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में किसी एक व्यक्ति का वर्षों तक उसी स्थान पर बने रहना गड़बड़ियों की आशंका को बढ़ा सकता है। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है।


इस पहल के तहत न केवल तत्काल तबादले किए जाएंगे, बल्कि भविष्य के लिए एक स्थायी और स्पष्ट तबादला नीति भी तैयार की जा रही है। खान एवं भू-तत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नीति में डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए एक निश्चित कार्यकाल तय किया जाएगा। तय समयसीमा पूरी होने के बाद संबंधित कर्मचारी का स्थानांतरण अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी स्तर पर लंबे समय तक पदस्थापन से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।


विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई तबादला नीति मार्च 2026 से प्रभावी होगी। इसके बाद किसी भी डाटा एंट्री ऑपरेटर को लंबे समय तक एक ही जिला खनन कार्यालय में तैनात नहीं रखा जाएगा। नीति लागू होने के बाद नियमित अंतराल पर स्थानांतरण की प्रक्रिया स्वतः चलती रहेगी, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।


अधिकारियों का मानना है कि निर्धारित समयावधि पर तबादले से न केवल कार्यालयों में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार होगा। विभिन्न जिलों में नए कर्मियों की तैनाती से कार्यशैली में संतुलन आएगा और एक ही व्यक्ति पर निर्भरता कम होगी। इससे विभागीय कार्यों में जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।


विभाग ने भरोसा दिलाया है कि तबादला प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। किसी भी प्रकार की मनमानी या पक्षपात की गुंजाइश नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी विभागीय स्तर पर की जाएगी, ताकि सभी जिलों में एक समान नीति लागू हो सके और किसी को अनुचित लाभ या हानि न पहुंचे।


खान एवं भू-तत्व विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से जिला खनन कार्यालयों के कामकाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ विभाग की छवि भी मजबूत होगी और आम जनता का भरोसा और अधिक बढ़ेगा। इसे विभागीय सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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