ब्रेकिंग
IRCTC का बड़ा अपडेट! अब बिना कैप्चा मिनटों में बुक होगी ट्रेन टिकट, जानिए 4 नए बदलावपटना एनकाउंटर: बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बसिया पुलिस मुठभेड़ में घायल, देसी कट्टा बरामदश्रावणी मेला 2026: कांवरियों के लिए बड़ी राहत, दानापुर–साहिबगंज स्पेशल ट्रेन चलेगी, सुलतानगंज समेत कई स्टेशनों पर होगा ठहरावBihar weather : बिहार में मौसम का खतरनाक यू-टर्न! बंगाल की खाड़ी से आ रही आफत, 48 घंटे भारी बारिश-तेज हवा का अलर्टमधुबनी में घरेलू गैस सिलेंडर की जमाखोरी का भंडाफोड़: दुकान और घर से 21 सिलेंडर जब्त, FIR की तैयारीIRCTC का बड़ा अपडेट! अब बिना कैप्चा मिनटों में बुक होगी ट्रेन टिकट, जानिए 4 नए बदलावपटना एनकाउंटर: बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बसिया पुलिस मुठभेड़ में घायल, देसी कट्टा बरामदश्रावणी मेला 2026: कांवरियों के लिए बड़ी राहत, दानापुर–साहिबगंज स्पेशल ट्रेन चलेगी, सुलतानगंज समेत कई स्टेशनों पर होगा ठहरावBihar weather : बिहार में मौसम का खतरनाक यू-टर्न! बंगाल की खाड़ी से आ रही आफत, 48 घंटे भारी बारिश-तेज हवा का अलर्टमधुबनी में घरेलू गैस सिलेंडर की जमाखोरी का भंडाफोड़: दुकान और घर से 21 सिलेंडर जब्त, FIR की तैयारी

क्वॉरेंटाइन सेंटर में मजदूर की मौत, 2 दिन पहले ही लौटा था मुंबई से

KHAGARIYA: क्वॉरेंटाइन सेंटर में एक प्रवासी मजदूर की मौत होने के बाद हड़कंप मच गया है. जिस मजदूर की मौत हुई है वह दो दिन पहले ही मुंबई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से खगड़िया आया था

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

KHAGARIYA: क्वॉरेंटाइन सेंटर में एक प्रवासी मजदूर की मौत होने के बाद हड़कंप मच गया है. जिस मजदूर की मौत हुई है वह दो दिन पहले ही मुंबई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से खगड़िया आया था. 

बताया जा रहा है कि ये मजदूर पत्नी और बेटे के साथ स्पेशल ट्रेन से 13 मई को खगड़िया आया. जिसके बाद महेशखूंट में बने क्वॉरेंटाइन सेंटर भेजा गया. गुरुवार की रात मजदूर की अचानक तबीयत खराब हुई. तुरंत गोगरी रेफरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. लेकिन आज उसकी मौत हो गई. 

कोरोना से मौत होने से किया इनकार

गोगरी रेफरल हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया कि जिस मजदूर की मौत हुई है. वह शुगर का मरीज थे. वही, डीएम ने कहा कि जिस शख्स की मौत हुई है वह कोरोना से नहीं हुई है. फिर उनकी पत्नी और बेटे को आइसोलेट कर दिया गया है. बता दें कि लॉकडाउन में लाखों मजदूर कई राज्यों में फंसे हैं. उनको ट्रेनों से बिहार लाया जा रहा है. अलग-अलग जिलों में आने के बाद मजदूरों को क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है. बाहर से आने वाले मजदूरों को इसी क्वॉरेंटाइन सेंटर में 21 दिन रखा जा रहा है. इसके बाद उनको घर भेजा जा रहा है. 


टैग्स