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खगड़िया में फर्जी IAS गिरफ्तार: आलीशान मकान, विदेशी गाड़ियां और फर्जी पहचान का बड़ा खेल उजागर

खगड़िया पुलिस ने फर्जी IAS अधिकारी बनकर रौब जमाने वाले मनीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कई मोबाइल फोन जब्त किए हैं और मामले में आर्थिक लेनदेन, संपत्ति और संपर्कों की जांच शुरू कर दी है।

बिहार न्यूज
जांच में जुटी पुलिस
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

KHAGARIA:बिहार के खगड़िया जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। खुद को आईएएस अफसर बताकर लंबे समय से रौब जमाने वाले मनीष गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी कथित फर्जी पहचान, आलीशान जीवनशैली और व्यापक संपर्कों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने उसके घर से पांच मोबाइल बरामद किया है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। 


पुलिस के अनुसार, मनीष कुमार गुप्ता गोगरी-जमालपुर का रहने वाला है। वह कथित रूप से फर्जी आईएएस पहचान पत्र दिखाकर लोगों के बीच अपना प्रभाव बनाए हुए था। आसपास के कई लोग उसे केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी मानते थे। उसके पास महंगी विदेशी गाड़ियां और करोड़ों रुपये का आलीशान मकान होने की भी चर्चा है।


एसपी की सतर्कता से हुआ खुलासा

खगड़िया के पुलिस अधीक्षक भानू प्रताप सिंह को एक गुप्त सूचना मिली थी। बताया जाता है कि यह सूचना पुलिस द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन सूचना पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुई। इसके बाद एसपी ने विशेष टीम का गठन कर गोगरी-जमालपुर स्थित मनीष कुमार गुप्ता के घर पर छापेमारी कराई। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। प्रारंभिक जांच में उसके फर्जी आईएएस होने के संकेत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


पांच मोबाइल फोन बने जांच का केंद्र

पुलिस ने मनीष कुमार गुप्ता के घर से विभिन्न कंपनियों के पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि इन मोबाइल फोन में महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है। आरोपी कथित रूप से मोबाइल का लॉक बताने से इंकार कर रहा है, इसलिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डेटा निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच से उसके संपर्कों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।


संपत्ति और नेटवर्क की जांच

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मनीष कुमार गुप्ता ने कथित रूप से इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके आलीशान मकान का निर्माण कई वर्षों से चल रहा था। उसके अन्य शहरों में संपत्ति होने की भी चर्चा है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


पैरवी के फोन आने की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, छापेमारी और गिरफ्तारी के दौरान कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा पुलिस अधिकारियों से संपर्क किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एसपी भानू प्रताप सिंह ने जांच टीम को पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके दस्तावेजों, मोबाइल फोन और आर्थिक लेनदेन की जांच जारी है।