ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपदहेज हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, पत्नी के मर्डर के आरोपी BDO के बाद अब महिला दारोगा गिरफ्तारमुकेश सहनी का यूपी में भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2027 में निषाद समाज देगा जवाबBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहरED का बड़ा एक्शन: TMC के तीन बैंक खातों को किया सील, अकाउंट में 440 करोड़बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपदहेज हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, पत्नी के मर्डर के आरोपी BDO के बाद अब महिला दारोगा गिरफ्तारमुकेश सहनी का यूपी में भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2027 में निषाद समाज देगा जवाबBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहरED का बड़ा एक्शन: TMC के तीन बैंक खातों को किया सील, अकाउंट में 440 करोड़

बोरवेल में गिरी बच्ची की मौत, हर घर नल का जल योजना के तहत खोदा गया था बोरवेल

KHAGARIA: बोरवेल में एक 8 साल की बच्ची गिर गई. जिससे ग्रामीणों ने किसी तरह से बच्ची को निकाला और हॉस्पिटल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हादसा उस जगह पर

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

KHAGARIA: बोरवेल में एक 8 साल की बच्ची गिर गई. जिससे ग्रामीणों ने किसी तरह से बच्ची को निकाला और हॉस्पिटल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हादसा उस जगह पर हुआ है जहां पर नल जल योजना के तहत बोरवेल खोदा गया था, लेकिन इसको खुला छोड़ दिया गया था. जिससे यह हादसा हो गया. घटना खगड़िया जिले के भरतखंड थाना क्षेत्र के शहरबन्ना गांव की है.

हॉस्पिटल लेकर गए परिजन 

घटना की सूचना मिलने के बाद भारी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बच्ची को खुद निकालने की कोशिश करने लगे. ग्रामीणों ने गड्ढा कर बच्ची को निकाल लिया, लेकिन बच्ची की स्थिति गंभीर थी. उसको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. लेकिन वह बच नहीं पाई और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

12 फीट था गड्ढा

बताया जा रहा है कि गांव में बिहार सरकार की हर घर नल का जल योजना के तहत बोरवेल की खुदाई की गई थी, लेकिन काम करने वाली एजेंसी ने उसे खुला छोड़ दिया था. जिससे बच्ची गिर गई. हादसे के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश हैं. बच्ची के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.