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सरकारी स्कूल में लापरवाही की हद! नींद में सोते बच्चों को क्लासरूम में बंद कर ताला मारकर घर चले गए प्रधानाध्यापक

बिहार के कटिहार में स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक ने बच्चों को क्लास में सोते हुए बंद कर स्कूल में ताला लगाकर घर चले गए। खिड़की में जाकर बच्चा फंस गया जिसे किसी तरह निकाला जा सका।

Bihar
लापरवाही पड़ सकती है भारी
© REPOTER
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

KATIHAR: कटिहार में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सोते हुए बच्चे को क्लास रूम में छोड़कर स्कूल में ताला लगाकर हेडमास्टर, टीचर और कर्मचारी घर चले गये। बच्चा डर के कारण चिखता रहा और चिल्लाता रहा लेकिन जब किसी ने उसकी बात नहीं सुनी तो वह खिड़की के रास्ते निकलने की कोशिश करने लगा। 


मामला कटिहार नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय ताजगंज फसिया की है जहां बच्चे के साथ जो कुछ हुआ, उसकी निंदा जितनी की जाए कम है। यह न केवल गंभीर प्रशासनिक चूक है, बल्कि मानवता के खिलाफ भी है। जहां हेडमास्टर क्लासरूम में सोते बच्चे को छोड़कर स्कूल में ताला लगाकर घर चले गए।


क्या है पूरा मामला?

प्राथमिक विद्यालय ताजगंज फसिया में पढ़ने वाले कुछ बच्चे रोज की तरह विद्यालय आए थे। लेकिन कुछ बच्चे क्लास में पढ़ते-पढ़ते गहरी नींद में सो गए। स्कूल के प्रधानाध्यापक मो. छोटू समेत सभी कर्मियों ने बिना यह सुनिश्चित किए कि सभी छात्र बाहर निकल चुके हैं या नहीं..विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपने-अपने घर चले गये। 


जब शाम तक बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने खोजबीन शुरू की और जब स्कूल के पास पहुंचे, तो वहां से बच्चों के रोने और चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। शोरगुल सुनकर स्थानीय ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए। सभी ने मिलकर स्कूल का ताला तोड़ा और क्लासरूम में बंद बच्चों को बाहर निकाला। बच्चों को रोते-बिलखते देख लोगों में गुस्सा भर गया।


इस घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि यह बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से हेडमास्टर, टीचर और अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है और ि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार शिक्षक को तत्काल निलंबित करने की बात दोहराई है। इस घटना की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंच  चुकी है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह चौंकाने वाला है कि इस तरह की घटना के बाद भी प्रशासन मौन बना हुआ है। कटिहार की यह घटना न केवल लापरवाही का प्रतीक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति टीचर कितने असंवेदनशील हो चुके है।

सोनू चौधरी की रिपोर्ट

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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