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हे छठी मईया... ! सुशासन की पुलिस को माफ करना

KAIMUR : लोक आस्था के महापर्व छठ के दौरान हर कोई इस बात को लेकर चिंतित रहता है कि कहीं उनसे कोई भूल ना हो जाए. साफ-सफाई और स्वच्छता इस महापर्व के मूल में है और हम सब छठ के मौके पर

हे छठी मईया... ! सुशासन की पुलिस को माफ करना
First Bihar
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KAIMUR : लोक आस्था के महापर्व छठ के दौरान हर कोई इस बात को लेकर चिंतित रहता है कि कहीं उनसे कोई भूल ना हो जाए. साफ-सफाई और स्वच्छता इस महापर्व के मूल में है और हम सब छठ के मौके पर गंदगी फैलाने से भी डरते हैं लेकिन छठी मैया के इस आराधना वाले वक्त में कैमूर से सुशासन की पुलिस की दरिंदगी वाली जो तस्वीरें सामने आई हैं उसे देखकर हर कोई केवल यही कह सकता है कि हे छठी मैया.. ! इनको माफ करना.


मामला कैमूर जिले के मोहनिया का है जहां अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस की गुंडागर्दी और बर्बरता सामने आई है. लोगों ने बताया कि अचानक बिना सूचना दिए मोहनिया एसडीएम अमरीसा बैंस, मोहनिया डीएसपी रघुनाथ सिंह, मोहनिया थाना प्रभारी सहित दर्जनों पुलिसकर्मी और नगर पंचायत की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची जहां हजारों-हजार की संख्या में ग्राहक फल और सब्जी खरीद रहे थे. 


अतिक्रमण हटाने के नाम पर अधिकारी दुकानदारों पर डंडे बरसाने लगे और तो और सामान बेच रही महिलाओं के साथ उन्होंने बल प्रयोग किया और उन्हें खींचकर वहां से हटाने लगे. मामले की सूचना जैसे ही मीडियाकर्मियों को मिली तो वो भी घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन अधिकारियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनकी भी पिटाई कर दी साथ ही उनका फोन भी छीन लिया. बवाल के बाद काफी देर तक बाजार में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. 


घटना पर कैमूर एसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. वहीं घटना के बाद दुकानदारों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है. उनका कहना है कि उन्होंने सड़क पर दुकान नहीं लगाईं थी फिर भी प्रशासनिक अधिकारी आये और सीधा डंडे बरसना शुरू कर दिए. वहीं उन्होंने पुलिस पर फल लूटने का आरोप भी लगाया है.  

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