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स्वास्थ्य विभाग का नया कारनामा, मरे हुए व्यक्ति पर सिविल सर्जन ने किया केस

KAIMUR : कोरोना काल के बीच बिहार में स्वास्थ्य विभाग का एक नया कारनामा सामने आया है. ताजा मामला कैमूर जिले का है. यहां कैमूर सिविल सर्जन ने मरे हुए व्यक्ति पर केस कर दिया है.

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KAIMUR :  कोरोना काल के बीच बिहार में स्वास्थ्य विभाग का एक नया कारनामा सामने आया है. ताजा मामला कैमूर जिले का है. यहां कैमूर सिविल सर्जन ने मरे हुए व्यक्ति पर केस कर दिया है. जिसकी छानबीन की जा रही है.


पूरा मामला कैमूर जिले का है, जहां  सिविल सर्जन अरुण तिवारी ने मोहनिया के मृत x-ray टेक्निशियन अजित कुमार पर एफआईआर किया है. बताया जा रहा है कि एक्सरे टेक्नीशियन का नियुक्ति पर संदेह होने के बाद कैमूर सिविल सर्जन ने इसकी जांच निदेशक प्रमुख लोक नियंत्रण को पत्र भेजकर किया. जिसमें छह लोगों का नियुक्ति फर्जी पाया गया था, जिनके ऊपर निदेशक ने प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया था.


मोहनिया अनुमंडल अस्पताल में जिस फर्जी टेक्नीशियन अजीत कुमार पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश जारी हुआ है, वह एक्सरे टेक्नीशियन 2 से ढाई महीना ड्यूटी करने के बाद से ही बीमार चल रहे थे. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत भी हो गई थी. अनुमंडल अस्पताल के आंकड़े में x-ray टेक्निशियन अजीत कुमार के मौत हुए एक साल से ज्यादा समय बीत गया फिर भी सदर अस्पताल के रिकॉर्ड में कैसे उसका नाम नहीं हटा बड़ा गंभीर मामला है.


अनुमंडल अस्पताल उपाधीक्षक चंदेश्वरी रजक बताते हैं कि 2018 में एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर अजीत कुमार की बहाली मोहनिया मे हुई थी. 2 से ढाई महीना ड्यूटी करने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई. जहां पटना में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. उनको एक रुपए का भी वेतन भुगतान नहीं किया जा सका है.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Ranjan Kumar

FirstBihar संवाददाता