राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजना “जीविका बैंक (निधि)” के तहत राज्यभर की 10 हजार जीविका दीदियों को मार्च 2026 तक लोन (ऋण) देने का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जीविका विभाग ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। लोन वितरण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य स्तर पर 150 मास्टर ट्रेनर बनाए गए हैं। ये मास्टर ट्रेनर जिला और प्रखंड स्तर पर जाकर दीदियों को लोन प्रक्रिया की पूरी जानकारी देंगे और उन्हें प्रशिक्षण भी देंगे।
लोन का उद्देश्य और लक्ष्य
जीविका बैंक का उद्देश्य दीदियों को रोजगार और व्यवसाय शुरू करने के साथ-साथ मौजूदा व्यवसाय को और मजबूत करना है। इसके तहत दीदियों को विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक लोन दिए जाएंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और आर्थिक रूप से मजबूत हों। इस योजना के अंतर्गत राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है ताकि लोन वितरण की प्रक्रिया तेजी से और पारदर्शी तरीके से हो सके।
लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया
जीविका बैंक के माध्यम से दीदियों को लोन देने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है और इसका ट्रायल चल रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, इसलिए सॉफ्टवेयर का परीक्षण चल रहा है। जल्द ही जीविका दीदियों से लोन के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही दीदियाँ अपने मोबाइल या नजदीकी प्रखंड कार्यालय से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी।
लोन की तीन श्रेणियाँ
जीविका बैंक से दीदियों को तीन प्रकार के लोन दिए जाएंगे। इसमें ₹15,000, ₹75,000 और ₹2,00,000 की राशि तय है। यह लोन राशि दीदियों के व्यवसाय के प्रकार और उनकी जरूरत के हिसाब से दी जाएगी। लोन आवेदन मिलने के बाद, विभाग की टीम 2 से 3 दिनों के अंदर ऑनलाइन आवेदन का भौतिक सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद लोन राशि स्वीकृत की जाएगी। इसके बाद राशि सीधे जीविका दीदियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत दीदियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी और लोन वितरण में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
प्रशिक्षण और जागरूकता
लोन वितरण के लिए बनाए गए 150 मास्टर ट्रेनर जिला एवं प्रखंड स्तर पर जाकर दीदियों को लोन की शर्तें, आवेदन की प्रक्रिया, दस्तावेज़, और repayment (किस्त) की जानकारी देंगे। इससे दीदियों को लोन लेने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी और वे आत्मनिर्भर बनकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगी।
जीविका बैंक (निधि) के माध्यम से मार्च तक 10 हजार दीदियों को लोन देने का लक्ष्य एक बड़ा कदम है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करेगी, बल्कि राज्य में रोजगार और व्यवसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। ऑनलाइन आवेदन, तेज सत्यापन और सीधे खाते में राशि हस्तांतरण से यह प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और प्रभावी होगी।






