BIHAR NEWS : जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के एमएलसी राधाचरण साह के बेटे कन्हैया कुमार ने पटना की पीएमएलए विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेते हुए बेऊर जेल भेज दिया। बालू की काली कमाई से करोड़ों रुपये के मनीलॉन्ड्रिंग के मामले में पटना हाई कोर्ट से कन्हैया कुमार को नियमित जमानत मिली थी।
वहीं, इसी जमानत पर आरोपी बेऊर जेल से मुक्त हुआ था। हाई कोर्ट से मिली जमानत को ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए अपराधिक अपील दायर की थी। शीर्ष अदालत ने जमानत रद्द करने का आदेश दिया था। जबकि,सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की अपील पर सुनवाई करते हुए आरोपी की नियमित जमानत 13 फरवरी को रद्द कर दी थी और एक सप्ताह में कन्हैया कुमार को पीएमएलए कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया था।
जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पटना हाई कोर्ट से मिली नियमित जमानत पीएमएलए की धारा 45 के विपरित है, इसलिए जमानत निरस्त की जाती है। साथ ही इस मामले को सुनवाई के लिए वापस पटना हाई कोर्ट भेज दिया। बालू के अवैध धंधे से जुड़े आरोपी कन्हैया कुमार को ईडी ने 18 सितंबर 2024 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था।
इधर, ईडी का दावा है कि जेडीयू एमएलसी राधाचरण साह के परिसर में छापेमारी के दौरान कई कागजात मिले थे। जिसमें आरोपी कन्हैया कुमार पर अपराध की आय को छिपाने और उससे खुद और परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम पर संपति खरीदने का आरोप है। आरोप के मुताबिक कन्हैया कुमार ने 17 करोड़ 26 लाख 85 हजार रुपये का इस्तेमाल मनाली में रिसॉट और स्कूल जैसी संपति में लगाया था। इसके लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल करने का भी आरोप है।






