KAIMUR: कैमूर जिले के चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार का चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बक्सर के पूर्व सांसद और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री लालमुनी चौबे के पुत्र हेमंत चौबे को चैनपुर विधानसभा से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। जन सुराज ने इस युवा चेहरे पर दांव लगाकर राजनीति में एक नया समीकरण बनाने की कोशिश की है।
हेमंत चौबे ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और उन्होंने एमए तक की शिक्षा प्राप्त की है। BHU से एलएलबी कर रहे थे लेकिन मां की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण बीच में पढ़ाई छोड़ना पड़ा। पिता लालमुनी चौबे बिहार की राजनीति के कद्दावर नेता रहे हैं, जिनकी साफ-सुथरी छवि और संगठनात्मक पकड़ आज भी इलाके में मजबूत मानी जाती है। यही कारण है कि जन सुराज को उम्मीद है कि उनके बेटे हेमंत चौबे को जनता का व्यापक समर्थन मिलेगा।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो चैनपुर सीट पर इस बार जातीय और विकास आधारित दोनों समीकरणों का असर दिखाई देगा। जन सुराज की ओर से हेमंत चौबे की एंट्री ने क्षेत्र के पुराने समीकरणों को हिला दिया है। बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने हेमंत चौबे को उम्मीदवार बनाकर युवाओं और ब्राह्मण मतदाताओं दोनों को साधने की रणनीति बनाई है।
वहीं, दूसरी ओर बसपा से पूर्व में जीत चुके जमा खान अब जदयू में शामिल होकर मंत्री बन चुके हैं, जबकि बीजेपी के पूर्व खनन मंत्री बृज किशोर बिंद ने टिकट न मिलने की आशंका में राजद का दामन थाम लिया है और चुनावी तैयारी में जुट गए हैं। इससे चैनपुर विधानसभा का समीकरण पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है।
फिलहाल महागठबंधन और एनडीए की ओर से किसी भी दल ने अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। ऐसे में जन सुराज ने पहले कदम बढ़ाकर चुनावी चर्चा का केंद्र अपने पक्ष में कर लिया है। आने वाले दिनों में चैनपुर की सियासत में हेमंत चौबे की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।





