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सरकारी सहयोग शिविर में बिचौलियों की एंट्री से मचा बवाल, अधिकारी के बगल में बैठे निजी व्यक्ति की तस्वीर वायरल, डीडीसी ने दिए जांच के निर्देश

जमुई के बरहट प्रखंड में आयोजित सरकारी सहयोग शिविर की एक तस्वीर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। तस्वीर में एक निजी व्यक्ति अधिकारी के साथ सरकारी काउंटर पर बैठा नजर आ रहा है, जिसके बाद डीडीसी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

बिहार न्यूज
वायरल फोटो से मचा हड़कंप
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

JAMUI: जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित नूमर पंचायत में आयोजित सरकारी सहयोग शिविर उस समय विवादों में घिर गया, जब सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई। तस्वीर में एक निजी व्यक्ति को सरकारी काउंटर पर अधिकारी के साथ बैठे देखा गया, जिसके बाद सरकारी कार्यों में बिचौलियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीसी ने जांच के निर्देश दिए हैं। 


 जमुई में  सरकार गरीब मजदूरों और ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए विशेष सहयोग शिविरों का आयोजन कर रही है। लेकिन बरहट प्रखंड की नूमर पंचायत में आयोजित एक सरकारी सहयोग शिविर अब विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर ने सरकारी व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर में एक निजी व्यक्ति श्रम विभाग के काउंटर पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधांशु कुमार के ठीक बगल में बैठा दिखाई दे रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


वायरल तस्वीर में मेहरून रंग की शर्ट पहने जावातरी चौक के एक साइबर कैफे संचालक सुनील विश्वकर्मा अधिकारी के साथ सरकारी काउंटर पर बैठे नजर आ रहे हैं। हालांकि इस तस्वीर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसके सामने आने के बाद ग्रामीणों और मजदूरों के बीच कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी काउंटर पर केवल अधिकृत सरकारी कर्मियों को ही बैठने की अनुमति होती है। ऐसे में एक निजी व्यक्ति अधिकारी के साथ वहां किस अधिकार से मौजूद था, इसकी जांच होनी चाहिए।


स्थानीय मजदूर प्रदीप यादव और साकेंद्र यादव ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार श्रम कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन महीनों बाद भी उनका कार्ड नहीं बन सका। उनका आरोप है कि कार्यालय के लगातार चक्कर लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई, जबकि कथित बिचौलियों के माध्यम से लोगों का काम आसानी से हो रहा है। दोनों मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि श्रम कार्ड बनवाने के नाम पर उनसे 1200 रुपये की मांग की गई थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पिछले कुछ वर्षों में बने श्रम कार्डों की भी समीक्षा कराने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद जमुई के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सुधांशु कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या बिचौलियों की भूमिका बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीडीसी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने तथा पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे वायरल तस्वीर और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी।सरकारी सहयोग शिविर में बिचौलियों की एंट्री से मचा बवाल, अधिकारी के बगल में बैठे निजी व्यक्ति की तस्वीर वायरल, डीडीसी ने दिए जांच के निर्देश

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रिपोर्टर

Dhiraj Kumar Singh

FirstBihar संवाददाता