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Bihar Health News: सदर अस्पताल में डॉक्टर न मिलने से गर्भवती समेत 2 की मौत, परिजनों ने काटा बवाल

Bihar Health News: जमुई सदर अस्पताल में एक गर्भवती और एक प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर के अस्पताल में मौजूद नहीं रहने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया...

Bihar Health News: सदर अस्पताल में डॉक्टर न मिलने से गर्भवती समेत 2 की मौत, परिजनों ने काटा बवाल
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Health News: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे और अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने की बातें लगातार सामने आती हैं, लेकिन जमुई सदर अस्पताल से सामने आई घटना ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल में रात की ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक के मौजूद नहीं रहने के आरोप के बीच एक गर्भवती और एक प्रसूता की मौत हो गई. दोनों मौतों के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के मुख्य द्वार के पास शव रखकर जमकर हंगामा किया.


स्वजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक शालिनी कुमारी पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि रात में गंभीर हालत में मरीजों को अस्पताल लाया गया, लेकिन ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं थीं.


परिजनों के अनुसार, डॉक्टर को कई बार फोन कर अस्पताल बुलाने की कोशिश की गई, लेकिन आरोप है कि वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंचीं. इसी दौरान इलाज के अभाव में एक गर्भवती और एक प्रसूता की मौत हो गई. दोनों मरीजों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया.


एक साथ दो मरीजों की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई. आक्रोशित परिजन दोनों शवों को अस्पताल के मुख्य द्वार के पास लेकर पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताने लगे.


परिजनों का आरोप था कि अगर समय पर डॉक्टर उपलब्ध होतीं और मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय उपचार मिलता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी. हंगामे के दौरान अस्पताल की व्यवस्था भी प्रभावित रही.


जमुई सदर अस्पताल में हुई इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी और रात की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. मरीज और उनके परिजन इलाज की उम्मीद में सरकारी अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन अगर गंभीर स्थिति में डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं हों तो अस्पताल की पूरी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है.


सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज, डॉक्टरों की उपलब्धता और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा देने के दावे किए जाते हैं. ऐसे में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर के अस्पताल में मौजूद नहीं रहने का आरोप सामने आना स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है.


आक्रोशित परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार डॉक्टर व संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि अस्पताल में ड्यूटी की व्यवस्था और मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए.


इधर, घटना के बाद महिला चिकित्सक समेत कुछ संबंधित कर्मियों के अस्पताल से चले जाने की बात भी सामने आई है. मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर है.