1st Bihar Published by: AJIT Updated Dec 01, 2025, 3:20:37 PM
वीडियो वायरल - फ़ोटो REPORTER
JEHANABAD: नशे से बिहार को मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 9 साल पहले महिलाओं की मांग पर पूरे प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी। इसे यह सोचकर लागू किया गया था और कड़े कानून बनाये गये थे कि लोग नशा से दूर रहेंगे। शराब पीकर किसी से झगड़ा विवाद नहीं करेंगे। घर आकर पत्नी के साथ मारपीट नहीं करेंगे। लेकिन जिस मकसद से इस कानून को लागू किया गया था, वो पूरा होता नहीं दिख रहा है।
शराब आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण अब लोग सूखा नशा करने लगे हैं। सूखा नशा का प्रचलन काफी बढ़ गया है। इसके गिरफ्त में अब युवा पीढ़ी भी आते जा रहे हैं। एक वीडियो जहानाबाद जिले से सामने आया है, जिसमें कुछ युवा स्मैक और गांजा पीते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
बता दें कि जहानाबाद के शकूराबाद थाना क्षेत्र के शकूराबाद बाजार समेत आसपास के कई इलाकों में इन दिनों सूखा नशा का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। इस बढ़ते नशे का सबसे बड़ा शिकार युवा पीढ़ी बन रही है। जिन युवाओं को देश और समाज का भविष्य माना जाता है, वे प्रतिबंधित नशे की गिरफ्त में फंसकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई किशोर और युवा खुलेआम सूखा नशा का सेवन कर रहे हैं। इससे न केवल उनका शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है बल्कि वे मानसिक रूप से भी अस्थिर होते जा रहे हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि सूखा नशा लंबे समय तक लेने पर दिमागी संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और युवाओं के व्यवहार में अचानक हिंसक और अनियंत्रित बदलाव तक देखने को मिलते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कारोबार को बढ़ावा देने में युवा तस्करों का एक सक्रिय नेटवर्क शामिल है, जो अलग-अलग टीम बनाकर विभिन्न इलाकों में नशे की सप्लाई कर रहा है। स्थानीय लोग इन तस्करों की गुंडागर्दी और दबदबे से इतने भयभीत हैं कि सब कुछ जानते हुए भी खुलकर आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबार में शामिल सभी लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में शकूराबाद थाना प्रभारी ने बताया कि वायरल वीडियो और फोटो के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है।