ब्रेकिंग
इंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीBihar News : “मटन खाने से किया इनकार… फिर युवक पर बरसी लाठी-टांगी, बिहार के इस जिले में में अजीब विवादइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीBihar News : “मटन खाने से किया इनकार… फिर युवक पर बरसी लाठी-टांगी, बिहार के इस जिले में में अजीब विवाद

बच्ची की मौत के बाद गुस्साएं परिजनों ने क्लीनिक में किया हंगामा, डॉक्टर को बना लिया बंधक

डॉक्टर को लोग धरती का भगवान मानते हैं। लेकिन जहानाबाद में बच्ची की मौत के बाद गुस्साएं परिजनों ने धरती के भगवान को ही बंधक बना लिया और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार की क्लिनिक पर लोगों ने जमकर हंगामा मचाया

HOSPITAL ME HUNGAMA
इलाज में लापरवाही का आरोप
© reporter
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

JEHANABAD: जहानाबाद शहर में अस्पताल मोड़ के पास स्थित एक निजी क्लिनिक में एक दुखद घटना घटी, जहाँ जाफरगंज निवासी अक्सर मंसूरी की 9 महीने की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची का पिछले दो दिनों से डॉ. अशोक कुमार के क्लिनिक में डायरिया का इलाज चल रहा था। 


बच्ची की मौत से गुस्साए परिजनों ने डॉ. अशोक कुमार को क्लिनिक में ही बंधक बना लिया और जमकर हंगामा मचाया। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद डॉक्टर को मुक्त कराया गया। मृत बच्ची के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें बच्ची की स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी। 


उनके अनुसार, डॉक्टर बार-बार यही कहते रहे कि बच्ची ठीक हो जाएगी, जबकि अंततः उसकी मौत हो गई। परिजनों का यह भी कहना है कि अगर डॉक्टर को लगता था कि केस उनके हाथ से बाहर है, तो उन्हें बच्ची को पटना या किसी अन्य बेहतर जगह ले जाने की सलाह देनी चाहिए थी, जिससे वे बच्ची का उचित इलाज करवा पाते। यह घटना चिकित्सा लापरवाही के आरोपों और मरीजों के परिजनों की भावनाओं को उजागर करती है।

रिपोर्टिंग
A

रिपोर्टर

AJIT

FirstBihar संवाददाता