KAIMUR: बिहार में आए दिन घूसखोर पकड़े जाते हैं, इसके बावजूद लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इस बार दो दारोगा निगरानी के हत्थे चढ़ा है। शिकायत के बाद पटना से आई विजिलेंस की टीम ने कैमूर के भगवानपुर थाने में तैनात दो दारोगा को 40 हजार घूस लेते दबोचा है। गिरफ्तार दारोगा की पहचान लकी आनंद और राशिद कमाल के रूप में हुई है।
पुलिस की वर्दी पहनने से पहले लोग जनता की रक्षा करने का संकल्प लेते हैं लेकिन वर्दी पहनते ही कुछ लोग रक्षक की जगह भक्षक बन जाते हैं। बिहार के भगवानपुर थाने का दो दारोगा केस की जांच करने के बजाय केस मैनेज करने को लेकर 40 हजार रुपये बतौर घूस मांग रहा था। कमालपुर गांव के रहने वाले पीड़ित चांदनी सिंह ने इस बात की शिकायत निगरानी विभाग से की थी।
पीड़िता चांदनी सिंह ने बताया कि मेरे पति पर केस था जिसे लेकर दोनों दारोगाा अक्सर हमे धमकाया करता था। बार-बार डराया जा रहा था। केस मैनेज करने के नाम पर 40 हजार रुपया रिश्वत मांग रहा था। इस बात की शिकायत उन्होंने विजिलेंस से की। जिसके बाद पटना से कैमूर पहुंची विजिलेंस की टीम ने भगवानपुर थाने पहुंचकर रंगे हाथ चालीस हजार घूस लेते दोनों दारोगा को गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस की रेड से पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। निगरानी डीएसपी ने बताया कि बुधवार की सुबह भगवानपुर थाने के दो घूसखोर दारोगा (सब इंस्पेक्टर) को गिरफ्तार किया गया है। निगरानी की सात सदस्यीय टीम ने दोनों से पूछताछ की और अपने साथ पटना ले गई। जहां निगरानी कोर्ट में पेशी के बाद दोनो को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।





