IAS Sanjeev Hans : भारतीय प्रशासनिक सेवा के निलंबित अधिकारी संजीव हंस (IAS Sanjeev Hans) की मुश्किलें कम नहीं हो रही।अब जेल में बंद संजीव पर मनी लॉन्ड्रिंग का नया मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा मुकदमा चलाने की अनुमति के बाद नई प्राथमिकी की तैयारी है। हालांकि, यह प्राथमिकी प्रवर्तन निदेशालय, आर्थिक अपराध इकाई या फिर विशेष निगरानी इकाई में कौन सी एजेंसी दर्ज करेगी यह साफ नहीं। सरकार ने इस पर महाधिवक्ता और विधि विभाग से परामर्श मांगा है।
केंद्र की हंस पर मुकदमा चलाने की अनुमति के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र भेजा है। हालांकि, गृह विभाग इस बारे में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहा है।
वहीं, हंस के साथ ही करीब दर्जन भर अधिकारी भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। इनमें कुछ अधिकारियों का संबंध टेंडर घोटाले से रहा है। जिनके बारे में केंद्रीय जांच एजेंसी को 27 मार्च को पटना में सात स्थानों पर की गई छापेमारी में प्रमाण मिले थे।
इधर, सूत्रों की माने तो प्रवर्तन निदेशालय में हंस के साथ जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा की है उनमें पटना के एक नामी ठेकेदार का नाम भी शामिल है। जिसकी कई अधिकारियों के यहां सीधी पहुंच है। महाधिवक्ता और विधि विभाग की राय मिलने के बाद ही साफ होगा कि कौन सी एजेसी मुकदमा दर्ज करेगी






