GOPALGANJ: बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करों की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला गोपालगंज जिले के महम्मदपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां गोपनीय सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक ट्रक से छिपाकर रखी गई 994 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। जानकारी के अनुसार, महम्मदपुर थानाध्यक्ष संदीप कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एनएच-27 पर करस घाट के समीप एक ट्रक में भारी मात्रा में शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद जब पुलिस ने ट्रक को रोका और उसकी तलाशी ली, तो उसमें बनाए गए गुप्त तहखाने से 115 पेटी विदेशी शराब बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा 993.600 लीटर पाई गई। शराब ट्रक के तहखाने में छिपाई गई थी इस तस्करी में शराब को इस तरह छिपाया गया था कि पहली नजर में किसी को भी इसकी भनक न लगे। ट्रक के नीचे विशेष तहखाना (खुफिया चैंबर) बनाकर शराब की पेटियों को सावधानीपूर्वक रखा गया था। लेकिन पुलिस की सजगता और सतर्कता के चलते तस्करों की यह चालाकी काम नहीं आई।
दो शराब तस्कर गिरफ्तार, पूछताछ जारी
मौके से दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि शराब को उत्तर प्रदेश से लाकर बिहार के मुजफ्फरपुर भेजा जा रहा था, जहां इसे बेचने की तैयारी थी। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार तस्करों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है।
सदर एसडीपीओ 2 सिधवलिया ने दी जानकारी
मामले की पुष्टि करते हुए सदर एसडीपीओ (सिधवलिया) राजेश कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई। ट्रक मालिक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्रक में शराब की तस्करी के लिए विशेष तहखाना बनाया गया था, जो पूरी तरह अवैध और खतरनाक तरीका है।
अनुसंधान जारी, जल्द खुल सकता बड़ा रैकेट
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच गहराई से की जा रही है, और संभावना जताई जा रही है कि यह किसी बड़े शराब तस्करी गिरोह से जुड़ा मामला हो सकता है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है।
शराबबंदी के बावजूद सक्रिय हैं तस्कर
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद शराब की अवैध तस्करी और बिक्री का धंधा लगातार फल-फूल रहा है। प्रशासन समय-समय पर छापेमारी और कार्रवाई करता रहता है, लेकिन तस्करों द्वारा हर बार नया तरीका अपनाया जाता है। इस ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि पुलिस की सक्रियता ही इस तरह के नेटवर्क को तोड़ने में मददगार हो सकती है।
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट





