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दम घुटने से दादी और 4 महीने की पोती की मौत, ठंड से बचने के लिए कमरे में जला रखा था अलाव

गया जिले के दखिनगांव में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई बोरसी से दम घुटने पर 85 वर्षीय दादी और 4 माह की पोती की मौत हो गई, जबकि महिला की हालत गंभीर है।

bihar
परिजनों में मचा कोहराम
© social media
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

GAYA: इस वक्त की बड़ी खबर गया से आ रही है, जहां वजीरगंज अंतर्गत दखिनगांव में दो की मौत हो गयी है। ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाए गए अलाव के कारण दर्दनाक हादसा हो गया। जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी से दम घुटने के कारण 85 वर्षीय वृद्ध महिला और उनकी चार माह की परपोती की मौत हो गई, जबकि बहू की हालत गंभीर बनी हुई है।


मृतक बच्ची के पिता रोहित मालाकार ने बताया कि उनकी 85 वर्षीय दादी रेखा देवी, पत्नी रूपा कुमारी और चार माह की बेटी आरोही कुमारी एक ही कमरे में सो रही थीं। ठंड से बचने के लिए कमरे में दो बोरसी जलाई गई थीं। कमरे में केवल एक खिड़की थी, जिसे ठंडी हवा से बचने के लिए प्लास्टिक से ढक दिया गया था।


परिजनों के अनुसार, शनिवार को ही कमरे में नया दरवाजा लगाया गया था, जिसे रात में ठंड से बचने के लिए बंद कर दिया गया। इससे कमरे में हवा का आवागमन पूरी तरह रुक गया। बोरसी से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई और यह हादसा हो गया।


सुबह जब घर के अन्य सदस्य कमरे में पहुंचे तो तीनों अचेत अवस्था में मिले। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रेखा देवी और नवजात आरोही कुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं रूपा कुमारी की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।


इस हादसे के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। नवजात बच्ची और उसकी परदादी की मौत से गांव में भी शोक का माहौल है, जबकि परिजन महिला के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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