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Bihar News: अभी मैं जिंदा हूं.. तख्ती लेकर क्यों घूम रही बिहार की यह महिला वार्ड पार्षद? वजह हैरान कर देगी

Bihar News: गया में प्रशासनिक लापरवाही का अजीब मामला सामने आया है, जहां वार्ड 34 की जिंदा पार्षद शीला देवी को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनकी विधवा पेंशन बंद हो गई।

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: गयाजी जिले में प्रशासनिक लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां वार्ड संख्या 34 की पार्षद शीला देवी को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जो पार्षद खुद अपने वार्ड में जन्म और मृत्यु का सत्यापन करती हैं, उन्हें ही अब खुद को जीवित साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।


गेवाल बिगहा स्थित अपने आवास पर हाथों में तख्ती लेकर पार्षद शीला देवी ने बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद बीते करीब 18 वर्षों से उन्हें विधवा पेंशन मिल रही थी। नवंबर 2025 तक पेंशन की राशि नियमित रूप से खाते में आती रही, लेकिन इसके बाद भुगतान अचानक बंद हो गया। 


जब वह केवाईसी कराने वसुधा केंद्र पहुंचीं, तो उन्हें बताया गया कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। शीला देवी ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि टेबल पर बैठकर सत्यापन करने वाले अधिकारियों की इस लापरवाही ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। 


उन्होंने मांग की है कि इस गंभीर गलती को जल्द से जल्द सुधारा जाए और उनकी विधवा पेंशन दोबारा शुरू की जाए। साथ ही, ऐसे मामलों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां एक जीवित जनप्रतिनिधि को मृत बताकर उसके अधिकारों से वंचित कर दिया गया।

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