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Lalu Yadav Gaya Visit : पितृपक्ष महापर्व पर विष्णुपद मंदिर में लालू यादव ने किया पिंडदान, राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा

Lalu Yadav Gaya Visit : गया को हिंदू धर्म में मोक्षधाम कहा जाता है और मान्यता है कि यहां पितरों का श्राद्ध और पिंडदान करने से आत्मा को शांति मिलती है। हर साल पितृपक्ष के दौरान देशभर से हजारों लोग यहां पहुंचते हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 09, 2025, 9:35:26 AM

Lalu Yadav Gaya Visit

Lalu Yadav Gaya Visit - फ़ोटो FILE PHOTO

Lalu Yadav Gaya Visit : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव मंगलवार को गयाजी पहुंचे। पितृपक्ष महापर्व की शुरुआत के साथ ही गयाजी में पिंडदान करने वालों की भीड़ जुटने लगी है। इसी क्रम में लालू यादव भी पितरों की आत्मा की शांति के लिए गया के विष्णुपद मंदिर और फल्गु नदी तट पर पिंडदान करने पहुंचे।


गयाजी को हिंदू धर्म में मोक्षधाम कहा जाता है और मान्यता है कि यहां पितरों का श्राद्ध और पिंडदान करने से आत्मा को शांति मिलती है। हर साल पितृपक्ष के दौरान देशभर से हजारों लोग यहां पहुंचते हैं। इस बार लालू यादव का यहां आना न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा तेज है।


जानकारी हो कि लालू यादव लंबे समय से स्वास्थ्य कारणों से सार्वजनिक आयोजनों में कम दिखते हैं, लेकिन गयाजी  पहुंचकर उन्होंने एक तरह से यह संदेश दिया है कि धर्म और आस्था से वह भी गहरे जुड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह संदेश देने का काम किया है कि वह बिहार चुनाव को लेकर काफी एक्टिव है और यदि जरूरत महसूस हुई तो वह मैदान में उतरकर विपक्ष की टेंशन बढ़ा सकते हैं। 


मालूम हो कि , गयाजी को हिंदू धर्म में मोक्षधाम  कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां पितरों का श्राद्ध और पिंडदान करने से आत्मा को शांति मिलती है और पितर लोक से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि हर साल पितृपक्ष के अवसर पर देशभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्वयं भगवान राम ने भी अपने पितृ श्री दशरथ के लिए गया में पिंडदान किया था। इस वजह से इस स्थान का महत्व और भी बढ़ जाता है। फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और आसपास के घाटों पर इन दिनों सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है।


 लालू यादव का गयाजी आना सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जा रहा, बल्कि राजनीतिक रूप से भी इसे खासा अहम माना जा रहा है। बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले लालू यादव का पब्लिक अपीयरेंस विपक्षी खेमे में चिंता का विषय बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही स्वास्थ्य कारणों से वह ज्यादा सक्रिय न हो पाएं, लेकिन उनकी मौजूदगी और बयानबाजी ही महागठबंधन को ऊर्जा देने का काम करती है। पितृपक्ष के मौके पर गया आकर उन्होंने यह संकेत दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह मैदान में उतरकर एनडीए को कड़ी टक्कर देंगे।