Bihar News: बिहार के गयाजी के गांधी मैदान में पीस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले तीन दिवसीय विश्व शांति महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन धर्म के धर्मगुरु शामिल हुए हालांकि पहले ही दिन कार्यक्रम में भारी हंगामा हो गया और खान सर के नहीं आने से नाराज छात्रों ने जमकर कुर्सियां चटकाईँ।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, विभिन्न धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। महोत्सव में प्रसिद्ध शिक्षक खान सर को भी शामिल होना था, लेकिन कार्यक्रम शुरू होते ही वे मंच पर नजर नहीं आए।जैसे ही बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों और युवाओं को यह जानकारी मिली कि खान सर कार्यक्रम में नहीं आ पाएंगे, वे आक्रोशित हो गए।
दर्शक दीर्घा में बैठे युवाओं ने हंगामा शुरू कर दिया, कुर्सियां फेंकीं, तोड़फोड़ की और आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खान सर को बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान मंच से संबोधित करते हुए एक हिंदू धर्म प्रचारक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खान सर इस समय युवाओं के आदर्श बन चुके हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार उनकी शिक्षाओं के खिलाफ है। यदि खान सर यह दृश्य देखते, तो उन्हें बेहद दुख होता। उन्होंने अभिभावकों से भी इस पर विचार करने की अपील की।
वहीं, मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने संबोधन में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज भी देश में सभी के लिए समान और सर्वसुलभ शिक्षा उपलब्ध नहीं है। लोग शिक्षा को केवल पेशेवर बनने और डिग्री हासिल करने तक सीमित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि देश को आजाद हुए 78 साल हो चुके हैं, हम 21वीं सदी में विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन मानवीय मूल्यों को कहीं न कहीं नजरअंदाज किया जा रहा है।
रिपोर्ट- नितम राज, गयाजी




