ब्रेकिंग
जेल में बंद पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन, सिख विरोधी दंगों के मामले में काट रहे थे उम्रकैद की सजादिवंगत बीजेपी नेता के परिजनों से मिले तेजस्वी यादव, बिहार की कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेराDEO रहते विवादों में रहे अधिकारी पर EOU रेड, नकदी से लेकर सोना-चांदी व अन्य कागजात बरामद, 3.44 Cr की बेहिसाब संपत्ति का मामलाPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, मारपीट के विरोध में बंद किया काम; इमरजेंसी समेत सभी चिकित्सा सेवाएं ठप‘अमित शाह का TTM करते हैं, नीतीश जी को फंसा दिए’, संजय झा पर तेजस्वी यादव का पलटवारजेल में बंद पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन, सिख विरोधी दंगों के मामले में काट रहे थे उम्रकैद की सजादिवंगत बीजेपी नेता के परिजनों से मिले तेजस्वी यादव, बिहार की कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेराDEO रहते विवादों में रहे अधिकारी पर EOU रेड, नकदी से लेकर सोना-चांदी व अन्य कागजात बरामद, 3.44 Cr की बेहिसाब संपत्ति का मामलाPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, मारपीट के विरोध में बंद किया काम; इमरजेंसी समेत सभी चिकित्सा सेवाएं ठप‘अमित शाह का TTM करते हैं, नीतीश जी को फंसा दिए’, संजय झा पर तेजस्वी यादव का पलटवार

विश्व फेमस पितृपक्ष मेला का इस बार नहीं होगा आयोजन, कोरोना ने कराया स्थगित

GAYA: विश्व फेमस पितृपक्ष मेला का आयोजन इस बार गया में नहीं होगा. कोरोना के कारण इस बार मेला का आयोजन नहीं करने का फैसला लिया गया है. इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया है. इस मेले में कई देशों से विद

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

GAYA: विश्व फेमस पितृपक्ष मेला का आयोजन इस बार गया में नहीं होगा. कोरोना के कारण इस बार मेला का आयोजन नहीं करने का फैसला लिया गया है. इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया है. इस मेले में कई देशों से विदेशी भी आते हैं.

विभाग ने लिया फैसला

हर साल इस मेले का आयोजन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से कराया जाता है. लेकिन विभाग ने 18 अगस्त को जनहित में पितृपक्ष मेला स्थगित करने का फैसला लिया है. यह मेला 2 सितंबर से शुरू होने वाला था. बिहार सरकार ने कोरोना संकट को देखते हुए पहले से ही बिहार में 6 सितंबर तक लॉकडाउन भी लगा दिया है. ऐसे में इस बार मेला नहीं होगा. आयोजन करने वाले विभाग ने भी अपने आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय और बिहार सरकार के आदेश का हवाला दिया है. 



हर साल करीब 6 लाख आते हैं पिंडदानी

गया में हर साल करीब 6 लाख से अधिक लोग पिंडदान कर अपने पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए आते हैं. गया में यह मेला करीब एक माह तक चलता है. इस मेले से हजारों गया के पंडों की कमाई होती है. इसके अलावे छोटे दुकान से लेकर बड़े दुकान और होटलों की कमाई का जरिया होता है. लेकिन इस बार मेला का आयोजन नहीं होने से हजारों लोगों को परेशानी होगी और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा.क्योंकि इस मेले का एक साल तक इंतजार होता है. 

टैग्स