ब्रेकिंग
खराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली Bihar Bhumi: बिहार में टोपोलैंड का भी होगा सर्वेक्षण, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बुलाई अहम बैठक; जिलों से मांगी रिपोर्टखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली Bihar Bhumi: बिहार में टोपोलैंड का भी होगा सर्वेक्षण, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बुलाई अहम बैठक; जिलों से मांगी रिपोर्ट

विष्णुपद मंदिर प्रबंधन के लिए बनी समिति, पटना हाईकोर्ट ने 7 सदस्यीय अंतरिम कमिटी गठित की

PATNA : गया स्थित ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र की विकास और रोजाना प्रबंधन के लिए पटना हाई कोर्ट ने सात सदस्यीय एड हॉक कमिटी के गठन करने का आदेश दिया

विष्णुपद मंदिर प्रबंधन के लिए बनी समिति, पटना हाईकोर्ट ने 7 सदस्यीय अंतरिम कमिटी गठित की
First Bihar
2 मिनट

PATNA :  गया स्थित ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र की विकास और रोजाना प्रबंधन के लिए पटना हाई कोर्ट ने सात सदस्यीय एड हॉक कमिटी के गठन करने का आदेश दिया है. बुद्धवार को मुख्य न्यायाधीश  संजय करोल और न्यायमूर्ति  एस कुमार की खण्डपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया.


हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने धार्मिक न्यास बोर्ड के वरीय अधिवक्ता से पूछा कि बोर्ड और गयावाल पंडा के बीच कोई वार्तालाप हुई है या नही ? बोर्ड की तरफ से जवाब नकारात्मक मिला । हाई कोर्ट ने बोर्ड के रवैये पर खिन्नता जाहिर की. इस मौके पर अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने कोर्ट को सुझाव दिया कि प्रयोग के तौर पे गया डीएम की अध्यक्षता में एक स्थानीय एडहॉक कमीटी का गठन कर वहां के विकास व प्रबंधन का काम शुरू किया जाए. जिसमें  वहां के स्थानीय गयावाल पंडे भी शामिल रहेंगे. इस सुझाव को मंज़ूर करते हुए हाई कोर्ट ने 7 सदस्यीय कमिटी के गठन का निर्देश गया के डीएम को दिया. 


 इस कमिटी में गया के डीएम (अध्यक्ष ), एसपी , नगर आयुक्त और जिला जज व उसके समतुल्य एक ज्यूडिशियल अफ़सर (सचिव ), दो सदस्य गयावाल पंडा के प्रतिनिधियों से और एक विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता जिसको डीएम चयनित करेंगे. इस कमिटी के जिम्मे  मंदिर, तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के दर्शन लाभ  का प्रबंधन, सुरक्षा, मंदिर इलाके की सफाई, स्वच्छता और फल्गु नदी में गिरने वाले नाले की  गंदगी का सीवरेज ट्रीटमेंट का उचित व्यवस्था वगैर मुख्य कार्य होंगे. 


इस मामले में डीएम को कमिटी के गठन और उसके कार्यकलाप का ब्यौरा अगली सुनवाई को कोर्ट में पेश करना होगा. मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी.  

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें