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Bihar Flood News : गंडक का फिर बदला मिजाज! 1.39 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, निचले इलाकों में बढ़ी टेंशन

गंडक नदी का मिजाज फिर बदला है। वाल्मीकिनगर बराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर 1,39,400 क्यूसेक पहुंच गया। जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद निचले इलाकों में चौकसी बढ़ाई गई है। अगले कुछ घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं।

Bihar Flood News : गंडक का फिर बदला मिजाज! 1.39 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, निचले इलाकों में बढ़ी टेंशन
Tejpratap
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6 मिनट

वाल्मीकिनगर/बेतिया: बिहार में गंडक नदी के जलस्तर को लेकर एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी गई है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज पर पिछले 12 घंटों में पानी के स्तर और बहाव में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बुधवार सुबह 8 बजे तक बराज से 1,39,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। लगातार एक लाख क्यूसेक से अधिक डिस्चार्ज होने के कारण गंडक नदी के आसपास के निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक गंडक बराज के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम जलस्तर में कई बार बदलाव हुआ। हालांकि, फिलहाल स्थिति पर विभागीय टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं।

रात 8 बजे 1.39 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज

1 सितंबर की रात 8 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज के अपस्ट्रीम (U/S) में जलस्तर 354.90 फीट, जबकि डाउनस्ट्रीम (D/S) में 352.20 फीट दर्ज किया गया। इस समय बराज से 1,39,400 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा था। रिपोर्ट में पानी की स्थिति को स्थिर बताया गया।

रात 10 बजे तक जलस्तर और पानी के बहाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बराज से 1,39,400 क्यूसेक पानी की निकासी जारी रही। इस दौरान अधिकारियों की निगरानी लगातार बनी रही, क्योंकि गंडक के बहाव में मामूली बदलाव भी नदी किनारे बसे इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

रात 11 बजे आई थोड़ी राहत

रात करीब 11 बजे गंडक के जलस्तर और डिस्चार्ज में हल्की गिरावट दर्ज की गई। अपस्ट्रीम जलस्तर घटकर 354.80 फीट और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 352.10 फीट हो गया। इसी के साथ बराज से पानी का डिस्चार्ज भी कम होकर 1,36,700 क्यूसेक पहुंच गया। कुछ समय के लिए पानी के बहाव में आई इस कमी से राहत के संकेत मिले, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई। नदी में अभी भी एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी का बहाव बना हुआ था।

सुबह 6 बजे तक और घटा जलस्तर

2 सितंबर की सुबह 6 बजे की रिपोर्ट में जलस्तर में एक बार फिर मामूली गिरावट देखने को मिली। इस समय गंडक बराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 354.60 फीट और डाउनस्ट्रीम में 351.90 फीट दर्ज किया गया। इसके साथ ही पानी की निकासी घटकर 1,31,500 क्यूसेक हो गई। लगातार दो रीडिंग में पानी के बहाव में कमी आने से कुछ राहत की स्थिति बनी, लेकिन कुछ ही घंटे बाद नदी के तेवर फिर बदल गए।

सुबह 8 बजे अचानक फिर बढ़ा पानी

बुधवार सुबह 8 बजे गंडक नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज की गई। अपस्ट्रीम का जलस्तर बढ़कर 355.00 फीट पहुंच गया, जबकि डाउनस्ट्रीम जलस्तर 352.20 फीट दर्ज किया गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही बराज से पानी का डिस्चार्ज भी फिर बढ़ गया। सुबह 8 बजे तक 1,39,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। यानी कुछ घंटों की गिरावट के बाद गंडक नदी का बहाव फिर रात के स्तर के करीब पहुंच गया। पानी के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए नदी के आसपास के इलाकों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग की सक्रियता बढ़ गई है।

नहरों में पानी का प्रवाह शून्य, मिली बड़ी राहत

गंडक बराज की मौजूदा स्थिति में राहत की एक अहम बात यह है कि पूर्वी मुख्य नहर (E.M.C) और पश्चिमी मुख्य नहर (M.W.C) में पानी का प्रवाह शून्य दर्ज किया गया है। दोनों नहरों में फिलहाल पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इससे नहरों पर अतिरिक्त दबाव नहीं है। विभागीय अधिकारियों का पूरा ध्यान फिलहाल बराज, नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर है।

तटबंधों पर नजर, निचले इलाकों में अलर्ट

गंडक नदी में लगातार एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज होने के कारण नदी के निचले इलाकों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जल संसाधन विभाग की टीम बराज के फाटकों के साथ-साथ तटबंधों की स्थिति पर भी लगातार नजर रख रही है।

अधिकारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात पानी के बहाव में अचानक होने वाला बदलाव है। बुधवार सुबह 6 बजे 1,31,500 क्यूसेक तक पहुंचा डिस्चार्ज महज दो घंटे बाद बढ़कर 1,39,400 क्यूसेक हो गया। इससे साफ है कि गंडक के जलस्तर में उतार-चढ़ाव अभी जारी है।

अगले कुछ घंटे अहम

गंडक बराज से पानी के डिस्चार्ज में अचानक बढ़ोतरी या कमी नदी किनारे बसे इलाकों की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में अगले कुछ घंटों की जल आयोग की रिपोर्ट पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और तटबंधों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी जा सकती है। वहीं, विभागीय टीमें बराज के फाटकों और तटबंधों की लगातार निगरानी कर रही हैं।

कुल मिलाकर, गंडक बराज पर पानी का स्तर फिलहाल उतार-चढ़ाव के दौर में है। रात में बहाव घटने के बाद बुधवार सुबह फिर बढ़ोतरी हुई और डिस्चार्ज 1.39 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। नहरों में पानी का प्रवाह शून्य रहना राहत की बात है, लेकिन निचले इलाकों के लिए अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।