पटना/अरवल : बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता बागी कुमार वर्मा का निधन हो गया। दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences में इलाज के दौरान सोमवार देर रात करीब 12:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को पटना में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बागी कुमार वर्मा लंबे समय से सक्रिय राजनीति में जुड़े हुए थे और बिहार की राजनीति में उनकी अलग पहचान थी। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी नेता उपेंद्र नाथ वर्मा के पुत्र थे। अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भी जनसेवा और राजनीति में अहम भूमिका निभाई।
राजनीतिक जीवन की बात करें तो बागी कुमार वर्मा तीन बार विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्होंने जहानाबाद जिले की मखदुमपुर विधानसभा सीट से दो बार जीत दर्ज की थी। इसके अलावा अरवल जिले की कुर्था विधानसभा सीट से भी वे विधायक चुने गए थे। अपने राजनीतिक करियर में वे लालू प्रसाद यादव की सरकार में मंत्री भी रहे और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
बागी कुमार वर्मा को जमीनी नेता माना जाता था। ग्रामीण इलाकों में उनकी अच्छी पकड़ थी और सामाजिक मुद्दों पर वे खुलकर अपनी बात रखते थे। यही वजह थी कि अलग-अलग राजनीतिक दलों में रहने के बावजूद जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बनी रही।
साल 2014 में उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के टिकट पर औरंगाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद भी वे राजनीति में सक्रिय रहे। वर्ष 2019 में उन्होंने जदयू से इस्तीफा दे दिया और दोबारा राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए। इसके बाद 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुर्था सीट से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर एक बार फिर विधानसभा पहुंचे। उनकी जीत को उस समय क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा संदेश माना गया था।
बागी कुमार वर्मा के निधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि “पूर्व मंत्री, बिहार सरकार एवं वरिष्ठ नेता श्री बागी कुमार वर्मा जी के निधन की खबर अत्यंत ही दुखद है। उनके देहावसान से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोक-संतप्त परिवार एवं समर्थकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि बागी कुमार वर्मा हमेशा गरीबों, किसानों और पिछड़े वर्गों की आवाज उठाने वाले नेता रहे। बिहार की राजनीति में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से खासकर मगध क्षेत्र की राजनीति को बड़ा नुकसान माना जा रहा है।





