Bihar News: बेटी की शादी के लिए निजी फाइनेंस कंपनी से एक किसान ने 80 हजार रूपये लोन लिया था। 3 महीने की किस्त बकाया रहने के कारण कंपनी के मैनेजर घर पर आ पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। मैनेजर के गाली देने और अपमानजनक बातें करने से वो काफी आहत हो गये। किसान ने बड़ा कदम उठा लिया। जिससे परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है।
घटना सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र का है जहां कर्ज के बोझ से दबे 50 वर्षीय किसान देवानंद पासवान ने कीटनाशक खा लिया। आनन-फानन में उन्हें एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। इस घटना से इलाके के लोग भी हैरान हैं।
मृतक की पहचान मुसहरनिया वार्ड 2, गोरदह पंचायत निवासी देवानंद पासवान के रूप में हुई है। पांच भाईयों में वो सबसे बड़े थे। उनकी 3 बेटियां और 3 बेटे हैं। डेढ़ साल पहले सबसे छोटी बेटी की शादी के लिए उन्होंने निजी फाइनेंस कंपनी से 80 हजार रुपये का कर्ज लिया था।
जिसकी मासिक किस्त 4200 रुपये थी। तीन महीने की किस्त बकाया होने के कारण फाईनेंस कंपनी का मैनेजर उनके घर पहुंच गया और गाली-गलौज करने लगे और अपमानजनक बातें कहीं। इससे आहत होकर देवानंद पासवान ने कीटनाशक खा लिया। परिजन उन्हें सिमरी बख्तियारपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गये उसके बाद उन्हें सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। मृतक के बेटे अनुश कुमार ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





