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Hajipur Sadar Hospital : हाजीपुर सदर अस्पताल में DM की रेड, दो दलाल गिरफ्तार; सात एम्बुलेंस जब्त

वैशाली के हाजीपुर सदर अस्पताल में डीएम वर्षा सिंह ने देर रात औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान दो दलालों को गिरफ्तार किया गया और सात एम्बुलेंस जब्त की गईं। अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश भी दिए गए।

Hajipur Sadar Hospital : हाजीपुर सदर अस्पताल में DM की रेड, दो दलाल गिरफ्तार; सात एम्बुलेंस जब्त
Tejpratap
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4 मिनट

Hajipur Sadar Hospital : वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित सदर अस्पताल में शनिवार देर रात जिलाधिकारी (डीएम) वर्षा सिंह ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं और दलालों की सक्रियता पर कड़ी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के क्रम में अस्पताल परिसर से दो दलालों को गिरफ्तार किया गया, जबकि नियमों का उल्लंघन करते हुए खड़ी सात एम्बुलेंस को जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन और कर्मियों में हड़कंप मच गया।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में तैनात सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे पहचान पत्र (आईडी कार्ड) लगाकर ही ड्यूटी करें। इसके साथ ही उन्होंने मरीजों के परिजनों के लिए भी पहचान पत्र अनिवार्य करने का आदेश दिया, ताकि अस्पताल में दलालों और संदिग्ध लोगों की पहचान आसानी से की जा सके। डीएम ने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने अस्पताल परिसर के प्रवेश और निकास द्वार के बाहर एम्बुलेंस पार्किंग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के बाहर अनियंत्रित रूप से खड़ी एम्बुलेंस मरीजों और उनके परिजनों को भ्रमित करने के साथ-साथ दलालों के नेटवर्क को बढ़ावा देती हैं। जब्त की गई सातों एम्बुलेंस के कागजातों की जांच की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक गुड़िया कुमारी और अस्पताल मैनेजर मंजर आलम अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सदर अस्पताल के शिशु वार्ड में हाल ही में सामने आए नवजात शिशु की अदला-बदली की गंभीर घटना के बाद की गई है। इस मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में डॉक्टर सहित सात कर्मियों को दोषी पाया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर दो कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई थी, जबकि पांच अन्य को स्थानांतरित किया गया था।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भी गहन निरीक्षण किया और मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम के अस्पताल पहुंचने से लगभग आधे घंटे पहले सदर एसडीओ राम बाबू बैठा भी वहां पहुंचे थे। जांच के दौरान दो संदिग्ध दलालों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस जांच में दलालों के मोबाइल फोन से निजी अस्पतालों की तस्वीरें और पैसों के लेनदेन से जुड़े अहम सबूत भी मिले हैं।


जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अस्पताल परिसर में दलाली या अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।