DARBHANGA: लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर जिले के दर्जनों संस्कृत शिक्षकों ने शुक्रवार को लहेरियासराय स्थित मिथिला संस्कृति उच्च विद्यालय परिसर में बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि पिछले 6 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वेतन नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। लोग कर्ज लेकर किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
बैठक में शिक्षकों ने कहा कि वे लगातार विभागीय अधिकारियों से वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है और त्योहारों के दौरान भी आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। डॉ. कमला कानंद झा, चंचल कुमारी, अमित कुमार दुबे, चंद्र भूषण मनी, सुमन कुमार झा, नीता कुमारी, अजित कुमार झा, गोपाल झा और विनोदानंद झा सहित कई शिक्षकों ने बैठक में अपनी-अपनी बातें रखी।
शिक्षकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग किया कि लंबित वेतन का भुगतान अविलंब किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 5 अगस्त को जिला पदाधिकारी (DM) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), दरभंगा को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
शिक्षकों ने बताया कि उनके नेता और जिला सचिव समीर कुमार झा किसी कारणवश बैठक में शामिल नहीं हो सके। उनके साथ आगे की रणनीति पर चर्चा करने के बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि यदि वेतन भुगतान की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो दरभंगा से पटना तक पूरे बिहार के संस्कृत शिक्षक एकजुट होकर व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।





