ब्रेकिंग
‘जल्दी शादी करो और 5-5 बच्चे पैदा करो’: भाजपा सांसद ने हिंदू युवाओं से की अपील, कहा..कम हो गया है सनातनियों में जन्म दर✦चंद लाइक-कमेंट और सब्सक्राइब के चक्कर में गई जान, रील बनाते वक्त डूबा नाबालिग; SDRF ने बरामद किया शव✦बिहार में रफ्तार का कहर: NH-106 पर तीन बाइकों की आमने-सामने टक्कर, एक की मौत; 5 गंभीर रूप से घायल✦बिहार में BPSC शिक्षिका पर जीजा से शादी करने का आरोप, बड़ी बहन की शिकायत पर DEO ने मांगा स्पष्टीकरण✦Bihar News : दरभंगा के स्कूल में ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ का खेल! बेंच से संभाली छत, 191 बच्चों की जान खतरे में! अब शिक्षा विभाग ने मानी गलती✦‘जल्दी शादी करो और 5-5 बच्चे पैदा करो’: भाजपा सांसद ने हिंदू युवाओं से की अपील, कहा..कम हो गया है सनातनियों में जन्म दर✦चंद लाइक-कमेंट और सब्सक्राइब के चक्कर में गई जान, रील बनाते वक्त डूबा नाबालिग; SDRF ने बरामद किया शव✦बिहार में रफ्तार का कहर: NH-106 पर तीन बाइकों की आमने-सामने टक्कर, एक की मौत; 5 गंभीर रूप से घायल✦बिहार में BPSC शिक्षिका पर जीजा से शादी करने का आरोप, बड़ी बहन की शिकायत पर DEO ने मांगा स्पष्टीकरण✦Bihar News : दरभंगा के स्कूल में ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ का खेल! बेंच से संभाली छत, 191 बच्चों की जान खतरे में! अब शिक्षा विभाग ने मानी गलती

Bihar News : दरभंगा के स्कूल में ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ का खेल! बेंच से संभाली छत, 191 बच्चों की जान खतरे में! अब शिक्षा विभाग ने मानी गलती

दरभंगा के अलीनगर में सरकारी स्कूल की बदहाली सामने आई है। जर्जर भवन में 191 बच्चे पढ़ रहे थे और छत को बेंच-डेस्क के सहारे संभाला जा रहा था। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने खतरा माना और स्कूल को दूसरे भवन में शिफ्ट करने का आदेश दिया।

Bihar News : दरभंगा के स्कूल में ‘जुगाड़ टेक्नोलॉजी’ का खेल! बेंच से संभाली छत, 191 बच्चों की जान खतरे में! अब शिक्षा विभाग ने मानी गलती
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : दरभंगा के अलीनगर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय किरतपुर की बदहाल व्यवस्था ने सरकारी स्कूलों की हकीकत सामने ला दी है। जर्जर भवन में पढ़ रहे 191 बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब शिक्षा विभाग ने गंभीरता दिखाई है। स्कूल की हालत इतनी खराब है कि छत को सहारा देने के लिए बेंच-डेस्क तक का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसे देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पढ़ने वाले बच्चों पर हर वक्त हादसे का खतरा मंडरा रहा था।


मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने खुद माना है कि विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में है और यहां किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। इसको लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अलीनगर की ओर से 2 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया है। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि प्राथमिक विद्यालय किरतपुर का भवन जर्जर है, जिससे छात्र-छात्राओं के चोटिल होने और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।


विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल स्कूल को दूसरे भवन में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। जारी पत्र के मुताबिक 5 अक्टूबर 2026, सोमवार से प्राथमिक विद्यालय किरतपुर का वर्ग संचालन मध्य विद्यालय गोसवा में किया जाएगा। इसके लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।


दरअसल, प्राथमिक विद्यालय किरतपुर की तस्वीरें और यहां की बदहाल स्थिति सामने आने के बाद सवाल उठने लगे थे कि आखिर इतने खराब भवन में बच्चों को पढ़ने के लिए क्यों भेजा जा रहा था। स्कूल में पढ़ने वाले करीब 191 बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई थी। जर्जर छत को किसी तरह सहारा देकर कक्षाओं का संचालन किए जाने की स्थिति ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।


सबसे हैरान करने वाली तस्वीर यह सामने आई कि स्कूल की छत को सहारा देने के लिए बेंच-डेस्क का इस्तेमाल किया जा रहा था। यानी जिस बेंच-डेस्क पर बैठकर बच्चे पढ़ते हैं, उसी को भवन को गिरने से बचाने के लिए सहारे के तौर पर लगाया गया था। यह स्थिति सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।


हालांकि, अब शिक्षा विभाग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का फैसला लिया है। विभाग के पत्र से यह भी स्पष्ट है कि स्कूल भवन की स्थिति को लेकर खतरा वास्तविक था। विभाग ने खुद अपने आदेश में दुर्घटना की आशंका जताई है।


ऐसे में सवाल यह भी है कि अगर भवन पहले से जर्जर था तो इतने दिनों तक 191 बच्चों की कक्षाएं वहां कैसे चलती रहीं? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा था? राहत की बात यह है कि अब बच्चों को दूसरे स्कूल में पढ़ाने का फैसला लिया गया है, लेकिन मूल सवाल अभी भी कायम है कि प्राथमिक विद्यालय किरतपुर के जर्जर भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था कब होगी।


फिलहाल 5 अक्टूबर से बच्चों की पढ़ाई मध्य विद्यालय गोसवा में होगी। शिक्षा विभाग के इस कदम से बच्चों की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी, लेकिन इस पूरे मामले ने सरकारी स्कूलों के भवनों की सुरक्षा जांच और समय पर मरम्मत को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।