ब्रेकिंग
बिहार MLC चुनाव से पहले JDU में खेला! अनंत सिंह के साथ ललन सिंह, नीरज कुमार के पीछे निशांत... सबसे बड़ा सवाल- किसके साथ है नीतीश का खेमा?✦पहले सियासी टकराव, फिर दोस्ती और अब खुला साथ... आखिर अनंत सिंह के लिए क्यों ढाल बने हुए हैं ललन सिंह?✦सरकारी खजाना समझा अपना गुल्लक! लाख या हजार नहीं 7 करोड़ के गबन कर गई महिला सिपाही, इस तरह सच आया सामने✦बिहार की जेलों में कैदियों को मिलेगा नया काम, अब हवाई चप्पल और LED बल्ब बनाने की तैयारी✦दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर घर लौटने वालों के लिए खुशखबरी, आनंद विहार से पूजा स्पेशल ट्रेन शुरू, देखें शेड्यूल✦बिहार MLC चुनाव से पहले JDU में खेला! अनंत सिंह के साथ ललन सिंह, नीरज कुमार के पीछे निशांत... सबसे बड़ा सवाल- किसके साथ है नीतीश का खेमा?✦पहले सियासी टकराव, फिर दोस्ती और अब खुला साथ... आखिर अनंत सिंह के लिए क्यों ढाल बने हुए हैं ललन सिंह?✦सरकारी खजाना समझा अपना गुल्लक! लाख या हजार नहीं 7 करोड़ के गबन कर गई महिला सिपाही, इस तरह सच आया सामने✦बिहार की जेलों में कैदियों को मिलेगा नया काम, अब हवाई चप्पल और LED बल्ब बनाने की तैयारी✦दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर घर लौटने वालों के लिए खुशखबरी, आनंद विहार से पूजा स्पेशल ट्रेन शुरू, देखें शेड्यूल

दरभंगा पहुंचे राज्यपाल सैयद अता हसनैन, संस्कृत विश्वविद्यालय में सीनेट की बैठक में हुए शामिल

बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दरभंगा के कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय में पहली बार सीनेट बैठक में भाग लिया और शिक्षा सुधार पर जोर दिया।

बिहार न्यूज
दरभंगा दौरे पर महामहिम
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DARBHANGA: दरभंगा के कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे राज्यपाल सैयद अता हसनैन का भव्य स्वागत किया गया। महामहिम राज्यपाल ने इस दौरान महाराज कामेश्वर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दरबार हॉल में आयोजित कार्यक्रम के साथ सीनेट बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्हें पाग और चादर भेंट कर सम्मानित किया गया।


पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कहा कि वे पहले भी दरभंगा आ चुके हैं और यहां दोबारा आने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र में अभी काफी काम बाकी होने की बात कही और बताया कि वे सभी विश्वविद्यालयों की स्थिति का लगातार विश्लेषण कर रहे हैं, जहां कुलपति अपने-अपने मुद्दे प्रस्तुत कर रहे हैं।


उन्होंने सीनेट की नियमित बैठकों पर जोर देते हुए कहा कि समस्याओं को गहराई से समझकर ही ठोस समाधान निकाला जाएगा। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय, प्रशासन और मीडिया के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव है। साथ ही उन्होंने दरभंगा में संस्कृत विश्वविद्यालय होने को गर्व की बात बताते हुए इसके विकास के लिए हरसंभव प्रयास का आश्वासन दिया।


टैग्स