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साइबर अपराधियों ने मुजफ्फरपुर डीएम का फर्जी वाट्सएप एकाउंट बनाया, अफसरों से पैसों की डिमांड

MUZAFFARPUR : साइबर अपराधियों की करतूत से लोग आए दिन परेशान है. कभी कोई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर फेसबुक फ्रेंड से पैसे की डिमांड करने लगता है तो कोई तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर

साइबर अपराधियों ने मुजफ्फरपुर डीएम का फर्जी वाट्सएप एकाउंट बनाया, अफसरों से पैसों की डिमांड
Tejpratap
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MUZAFFARPUR : साइबर अपराधियों की करतूत से लोग आए दिन परेशान है. कभी कोई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर फेसबुक फ्रेंड से पैसे की डिमांड करने लगता है तो कोई तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर बैंक अकाउंट तक खाली कर डालता है. यहां तक की एटीएम में भी गड़बड़ी कर पैसे की निकासी कर ली जाती है. साइबर अपराधियों से लोग परेशान हो गये हैं. इस बार इसने हद कर दी. साइबर अपराधियों ने मुजफ्फरपुर डीएम का फर्जी वाट्सएप अकाउंट ही बना डाला.


जानकारी के मुताबिक, जिला गोपनीय प्रशाखा के विशेष कार्य पदाधिकारी कुमार अभिषेक ने लिखित शिकायत की है. इसमें कहा गया है कि दो मोबाइल नंबर 912:::::772 और 767::::6507 के धारक के द्वारा उनसे पैसे की मांग की गई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की. जिला सर्विलांस टीम ने दोनों मोबाइल नंबर की सीडीआर व कैप निकाल कर जांच की. दोनों में से एक नंबर को ट्रूकॉलर पर चेक करने पर राजेश कुमार है. 


थाने में दर्ज केस में जिला गोपनीय प्रशाखा के विशेष कार्य पदाधिकारी ने बताया है कि जिलाधिकारी प्रणव कुमार के फोटो का फर्जी इस्तेमाल करके दो अलग-अलग मोबाइल नंबर से फर्जी अकाउंट बनाया गया है. जिले के प्रशासनिक पदाधिकारियों व आम लोगों से चैटिंग किया जा रहा है और अमेजन इपे गिफ्ट कार्ड के माध्यम से राशि की मांग की जा रही है.


बता दें कि फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाने का मामला प्रकाश में आने के बाद डीएम ने बीते चार अगस्त को जिला गोपनीय प्रशाखा के विशेष कार्य पदाधिकारी को प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया था. साथ ही जिला प्रशासन के सभी पदाधिकारियों को आगाह करते हुए किसी भी तरह के फर्जी मैसेज पर ध्यान नहीं देने की अपील की थी. पुलिस शातिरों की तलाश में जुटी हुई है. 

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FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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