ब्रेकिंग
Bihar News : RJD स्थापना दिवस पर पोस्टर पॉलिटिक्स! जिन नामों की थी चर्चा वही गायब, शहाबुद्दीन-ओसामा के पोस्टर ने खींचा ध्यानBihar News : सरकारी स्कूलों के सामान खरीद में खेल? फर्जी बिल, बदली तारीखें और पत्नियों के नाम पर फर्म का आरोपBihar News : PM मोदी की सुरक्षा संभालेंगे बिहार के IPS अमित कुमार, SPG में मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानिए कौन हैं ये अफसरBihar News : बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 270 CO का तबादला, देखें आपके जिले के नए अंचल अधिकारी कौनBihar News : स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! बिहार में बदल गया स्कूलों का समयBihar News : RJD स्थापना दिवस पर पोस्टर पॉलिटिक्स! जिन नामों की थी चर्चा वही गायब, शहाबुद्दीन-ओसामा के पोस्टर ने खींचा ध्यानBihar News : सरकारी स्कूलों के सामान खरीद में खेल? फर्जी बिल, बदली तारीखें और पत्नियों के नाम पर फर्म का आरोपBihar News : PM मोदी की सुरक्षा संभालेंगे बिहार के IPS अमित कुमार, SPG में मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानिए कौन हैं ये अफसरBihar News : बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 270 CO का तबादला, देखें आपके जिले के नए अंचल अधिकारी कौनBihar News : स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! बिहार में बदल गया स्कूलों का समय

कोरोना ने सबकुछ चौपट कर दिया, पटना के बाजार को एक हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान

PATNA : लॉकडाउन के बीच पूरे देश में आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है। पटना के बाजार को भी एक हजार करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है। लॉकडाउन के बीच अभी भी कई तरह की दुकानों &

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : लॉकडाउन के बीच पूरे देश में आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है। पटना के बाजार को भी एक हजार करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है। लॉकडाउन के बीच अभी भी कई तरह की दुकानों  को खोलने की अनुमति नहीं है जिससे ये नुकसान और भी ज्यादा बढ़ेगा।


लॉकडाउन के बाद पटना का बाजार एक हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान उठा चुका है। 31 मई के पहे कपड़ा और ज्वेलरी बाजार खुलने के कोई अनुमान नहीं हैं जिससे  नुकसान और भी ज्यादा बढ़ेगा। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स  के मुताबिक बाजार को रफ्तार पकड़ने के लिए सप्लाई चेन का दुरूस्त होना आवश्यक है।


व्यवसायी महासंघ के सदस्यों का कहना है कि बाजार में न तो खरीदार है और न ही मजदूर। ऐसे में लॉकडाउन तीन में मिली छूट का कोई असर नहीं दिख रहा है। इधर कपड़ा व्यवसायियों को चूहों का डर सता रहा है। उन्हें दुकान खोलने की छूट अब तक नहीं मिली है। अन्य सेक्टर में लॉकडाउन में मिली छूट को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है।


व्यवसायियों की माने तो लॉकडाउन के पचास दिनों की भरपाई के लिए सालों कड़ी मेहनत करनी होगी तभी उद्योग-व्यवसाय पटरी पर आ सकेगा। लॉकडाउन में छूट का कोई असर नहीं दिख रहा है। लाखों दुकान बंद पड़े हैं। बाजार में ग्राहक नहीं है। माल तैयार है तो उसे खपाने की मुश्किल है। 


टैग्स