MADHUBANI : बिहार में क्वारंटाइन सेंटेंस की बदहाली को लेकर लगातार प्रवासी हंगामा कर रहे हैं. ऐसा कोई दिन नहीं गुजर रहा आज दिन प्रवासियों के हंगामे की खबरें राज्य के अलग-अलग जिलों से सामने नहीं आ रही हो. सोमवार को बिहार के कई इलाकों में प्रवासी सरकारी सिस्टम की नाकामी से नाराज होकर सड़क पर आ गए. सड़क जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर गुस्सा भी जताया. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही पटना में बैठकर बेहतर इंतजाम कर लेने का दावा करते हों, लेकिन सरकार के अंदर अफसरशाही का आलम क्या है. इसका नमूना मधुबनी जिले के BDO की ठसक देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है.
मधुबनी जिला के झंझारपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी का एक ऑडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है. इस ऑडियो में एक वार्ड सदस्य जनता की समस्याओं को लेकर BDO साहब को फोन लगाता है. जनता के सवालों से परेशान वार्ड सदस्य वीडियो सत्य जानना चाहता है कि आखिर लोगों तक सरकारी मदद क्यों नहीं पहुंच रही, लेकिन हकीकत सुनने की बजाय बीडीओ साहब नाराज हो जाते हैं. वार्ड पार्षद को नेतागिरी नहीं करने की फटकार लगाते हैं और फिर फोन रख देते हैं.
फर्स्ट बिहार झारखंड ने वायरल ऑडियो की सत्यता जानने के लिए झंझारपुर के वीडियो से बातचीत की है. बीडीओ के प्रभार में 11 मई से डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी विकास कुमार हैं. उन्होंने ऐसे किसी भी बातचीत को सिरे से खारिज किया है, हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा है कि उनके पूर्व जो प्रखंड विकास पदाधिकारी थे. संभव है कि बातचीत उनकी हो, लेकिन एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की तरफ से जिस तरह की बातचीत सामने आई है. वह बिहार में अफसरशाही के बेलगाम होने का सबूत है.





