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धरती के भगवान की करतूत: टूटे हाथ का ऑपरेशन करने के बजाय गर्दन में लगा दिया इंजेक्शन, 12 साल के बच्चे की तड़प कर हुई मौत

हाथ का ऑपरेशन कराने आए बच्चे के गर्दन में इंजेक्शन लगा दिया गया जिससे मौत हो गयी। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। घर के इकलौते चिराग की मौत से परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है।

BIHAR POLICE
डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MOTIHARI: डॉक्टर को लोग धरती का भगवान कहते हैं लेकिन कभी-कभी डॉक्टर साहब ऐसा कारनामा कर बैठते हैं कि लोगों का उनके ऊपर से विश्वास उठ जाता है। हम बात कर रहे हैं पूर्वी चंपारण के मोतिहारी की जहां एक डॉक्टर की करतूत सामने आई है। डॉक्टर की लापरवाही से 12 साल के बच्चे की जान चली गयी है। बच्चा घर का इकलौता चिराग था। जिसकी मौके के बाद परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। माता और दादी के साथ-साथ अन्य परिजनों का रो-रोकर हाल बुरा है। उनके आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। परिजन आरोपी डॉक्टर और कंपाउंडर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 


बताया जाता है कि पटेरवा के रहने वाले बुलेट महतो का 12 वर्षीय बेटे प्रिंस को मोतिहारी के मिशन चौक स्थित डॉक्टर राजेश्वर कुमार के क्लिनिक में टूटे हाथ का ऑपरेशन करने के लिए ले जाया गया था लेकिन हाथ का ऑपरेशन करने के बजाय बच्चे के गर्दन में इंजेक्शन लगा दिया गया। इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गयी। घटना से आक्रोशित लोगों ने डॉक्टर के दो कंपाउंडर को बंधक बना लिया। शव को लेकर परिजन मुफ्फसिल थाने पहुंच गये और रो-रोकर अपनी अपनी व्यथा पुलिस कर्मियों को सुनाने लगे। 


परिजनों ने आरोपी डॉक्टर की इस करतूत को सबके सामने रखा और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। मृतक की दादी पुनकाळी देवी ने बताया कि 12 साल का प्रिंस हमारा इकलौता पोता था। घर का वो इकलौता चिराग भी था। उनका पोता बिल्कुल ठीक था। एक बार डॉक्टर राजेश्वर कुमार ने ही उसके हाथ का ऑपरेशन किया था लेकिन हाथ में दर्द रहने के कारण उसे दोबारा ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर राजेश्वर ने बुलाया था। लेकिन इससे पहले बच्चे के गर्दन में इंजेक्शन दिया गया जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गयी। 


डॉ. राजेश्वर क्लिनिक के कंपाउंडर रामजी प्रसाद का कहना है कि बच्चे को इंजेक्शन दिया गया था लेकिन इंजेक्शन के बाद बच्चे को उल्टी होने लगी और कुछ देर बाद मौत हो गयी। कंपाउंडर ने बताया कि डॉक्टर राजेश्वर कुमार के यहां हम लोग काम करते हैं और उन्हीं के आदेश पर हमने बच्चों को इंजेक्शन दिया था। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हम लोगों को बंधक बना लिया है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। 


सोहराब आलम की रिपोर्ट..

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