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छात्रों को निराशा, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में यूजी व पीजी के दाखिले पर रोक

PATNA : नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम फॉर मेडिसिन ने बिहार में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएमएस और पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई करने वाले छात्रों को फिर से झटका दिया है। एनसीआइएसएम ने

छात्रों को निराशा, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में यूजी व पीजी के दाखिले पर रोक
Tejpratap
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PATNA : नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम फॉर मेडिसिन ने बिहार में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएमएस और पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई करने वाले छात्रों को फिर से झटका दिया है। एनसीआइएसएम ने नए सत्र 22 23 में दाखिले पर रोक लगा दी है। हालांकि, इसको लेकर कॉलेज प्रशासन की तरफ से कई बार अनुमति देने की मांग की गई लेकिन आखिरकार उनकी मांग पूरी नहीं हुई।


नए सत्र में दाखिले को लेकर एनसीआइएसएम के तरफ से जारी पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि जब तक फैकेल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी, लैब,  डॉक्टर व कर्मियों की संख्या पूरी नहीं होगी तब तक नामांकन नहीं किया जा सकेगा।


बता दें कि, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज पटना में 125 सीटों पर बीएमएस और 85 सीट पर पीजी के छात्रों का एडमिशन लिया जाता है। ऐसे में रोक लगने से इन छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इधर, कॉलेज प्रशासन द्वारा इन कमियों को दूर करने की बात करते हुए पत्र लिखा गया है लेकिन कमीशन इस पत्र की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।


कमीशन ने अपने पत्र में कहा है कि शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक अस्पताल कर्मी, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग समेत कई कमियां कॉलेजों में देखी गई है। यहां 80% कर्मियों के बदले 52% कर्मी ही काम कर रहे हैं। कमीशन का कहना है कि रजिस्ट्रार, सीनियर रेजिडेंट, नर्स, पारा मेडिकल टेक्नीशियन, सर्जन, फिजीशियन, वार्ड बॉय समेत अन्य कर्मियों में कमी देखी गई है। जब तक इन कमियों को दूर नहीं कर लिया जाता तब तक यहां नामांकन नहीं हो सकता है।


इधर इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में नामांकन की अनुमति दी जाए जो कमियां बताई गई है उसे दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है उम्मीद है कि अंदर ट्रैकिंग के जरिए इस बार भी नामांकन की अनुमति मिल जाएगी कॉलेज प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में तेजी से आस्था दुरुस्त करने के कार्य में जुटा है।