JAMUI: चकाई विधानसभा में फिर बदलाव हुआ है। राजद की सावित्री देवी ने सुमित कुमार सिंह को 12,665 वोटों से हरा दिया है। जमुई जिले की चकाई विधानसभा सीट बिहार की सबसे दिलचस्प और चर्चित सीटों में गिनी जाती है। यहां पिछले 35 वर्षों से कोई भी विधायक लगातार दो बार जीत दर्ज नहीं कर पाया है। 1962 से अब तक हुए 15 चुनावों में से 13 बार सत्ता दो परिवारों श्री कृष्णा सिंह और फाल्गुनी प्रसाद यादव के बीच अदल-बदल होती रही है।
2010 में श्री कृष्णा सिंह की तीसरी पीढ़ी के सुमित कुमार सिंह ने जीत दर्ज की, जबकि 2015 में यादव परिवार की सावित्री देवी पहली महिला विधायक बनीं। 2020 में सुमित कुमार सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वापसी करते हुए सावित्री देवी को मात्र 581 वोट से मात दी।
2025 में फिर बदला चकाई का रुख
2025 के चुनाव में चकाई सीट इस बार महागठबंधन के खाते में गई। राजद प्रत्याशी सावित्री देवी ने एनडीए के जदयू प्रत्याशी एवं मंत्री सुमित कुमार सिंह को हराते हुए निर्णायक जीत दर्ज की।
सावित्री देवी (राजद): 80,275 वोट
सुमित कुमार सिंह (जदयू): 67,310 वोट
इस प्रकार सावित्री देवी ने 12,665 मतों से शानदार विजय हासिल की। जीत के बाद सावित्री देवी ने चकाई की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी रहेंगी और क्षेत्र के विकास को अपनी प्राथमिकता बनाए रखेंगी।





