DARBHANGA: बिहार में आए दिन अजब-गजब कारनामे होते रहते हैं। अब सरकारी जमीन को लेकर दरभंगा जिला सुर्खियों में बना हुआ है। यहां पशुपालन विभाग की 19 एकड़ जमीन को दलालों के इशारे पर स्थानीय लोगों ने कब्जा जमा लिया। बांस बल्ला और फीता से लोगों ने जमीन को घेर लिया और उसे अपनी जमीन बताने लगे। सरकारी जमीन को अपनी जमीन बताने का मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरअसल, दरभंगा जिला के लक्ष्मीसागर मुहल्ले में 1973 ई से 19 एकड़ जमीन में पशुपालन विभाग का कार्यालय चल रहा है। वर्तमान में पशुपालन विभाग की तीन एकड़ जमीन में सुधा दूध का डेयरी फार्म चलता है। सात एकड़ जमीन पशुपालन विभाग का तालाब है। दो एकड़ जमीन पर बिजली विभाग सब स्टेशन व पम्प हाउस संचालित हो रहा है। लेकिन शेष जमीन पर पशुपालन विभाग का कार्यालय और खाली जमीन है।
वहीं पशुपालन पदाधिकारी इंतखाब आलम ने बताया कि यहां के चिकित्सक अरुण कुमार द्वारा सूचना मिली की पशुपालन विभाग के चारों तरफ खाली जमीन को असामाजिक तत्वों के लोग के द्वारा कब्जा किया जा रहा है। हमने तुरंत डायल 112 व वरीय अधिकारी को शिकायत की। जिसके बाद संज्ञान लेते हुए एसडीओ, सीओ डीसीएलआर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। हमलोगों ने इसकी लिखित शिकायत विश्वविद्यालय थाने में दर्ज कराई है।
वहीं स्थानीय अमित कुमार साह ने बताया की यह जमीन पशुपालन विभाग की जमीन है। बचपन में हमलोग इस जमीन पर क्रिकेट खेलते आए हैं। पता चला कि पशुपालन विभाग की जमीन की लूटी हो रही है। यही देखने यहां आये तो देख रहे है कि कई महिलाएं और लड़के बांस फीता डोरी लेकर जमीन को घेर रहे है। वहीं जिलाधिकारी राजीव रौशन ने बताया कि पूरा मामला गलत है। अगर कोई सरकारी जमीन पर कब्जा करेगा तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जो लोग दोषी पाएंगे उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।





