मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाने के मोहजमा गांव में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। दबंग परिवार के पालतू बुलडॉग कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुई 4 साल की बच्ची शिवानी की बुधवार को एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। कुत्ते ने बच्ची के सिर से बाल सहित चमड़ी नोच ली थी, जिसके बाद उसकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई थी।
कैसे हुआ हादसा?
शिवानी अपने भाई-बहनों के साथ गांव में स्थित देवी स्थान पर पूजा देखने जा रही थी। उसी समय गांव के दबंग परिवार का एक युवक अपने बुलडॉग कुत्ते को जंजीर से बांधकर टहला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक युवक के हाथ से जंजीर छूट गई और कुत्ता बच्चों की ओर दौड़ पड़ा। दो बच्चे किसी तरह भागकर अपनी जान बचा सके, लेकिन चार वर्षीय शिवानी कुत्ते की पकड़ में आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुत्ते ने शिवानी के सिर पर जबरदस्त तरीके से हमला किया और उसे जबड़े में दबोच लिया। हमले में बच्ची के सिर की त्वचा और बाल तक उखड़ गए। वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। ग्रामीणों ने उसे तुरंत पारू सीएचसी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई।
15 दिन पहले खरीदे गए थे बुलडॉग
स्थानीय लोगों ने बताया कि दबंग परिवार ने करीब 15 दिन पहले ही सोनपुर मेला से बुलडॉग की एक जोड़ी खरीदी थी। इसी में से एक कुत्ते ने शिवानी पर हमला किया। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है, क्योंकि पहले भी इस कुत्ते की आक्रामक प्रवृत्ति को देखा गया था, लेकिन परिवार ने कोई रोकथाम नहीं की।
परिवार पर आरोप, कार्रवाई की मांग
मृतक बच्ची के पिता कमलेश सहनी ने बताया कि उनकी बेटी अपने भाई-बहनों के साथ पूजा देखने जा रही थी। “कुत्ता अचानक जंजीर से छूटकर आया और सीधे मेरे बच्चों पर झपट पड़ा। दो बच्चे भाग गए, लेकिन मेरी शिवानी को उसने पकड़ लिया। उसे उसी हालत में देखकर मेरी दुनिया बिखर गई,” पिता ने रोते हुए कहा। परिजन और ग्रामीण इस घटना को दबंगई और लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुत्ते को लेकर कई बार आपत्ति जताई गई थी, लेकिन परिवार ने कोई ध्यान नहीं दिया।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पारू थानेदार चंदन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को मिली है। “एक व्यक्ति के पालतू कुत्ते के हमले में बच्ची की मौत हुई है। अभी तक परिजन की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।”स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे खतरनाक कुत्तों को बिना उचित सुरक्षा और प्रशिक्षण के खुले में घुमाना अपराध की श्रेणी में माना जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
गांव में मातम का माहौल
शिवानी अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और परिवार की दुलारी थी। उसकी मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया है। ग्रामीण प्रशासन से न्याय और कुत्ते के मालिक पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना न सिर्फ लापरवाही का परिणाम है, बल्कि इसने एक मासूम की जिंदगी भी छीन ली। अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत मिलते ही क्या कार्रवाई करती है और क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा।






