DESK: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रीलिम्स परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। जिसमें कई मांगे उठाई गयी है।
परीक्षा रद्द करने की मांग: याचिका में परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई है।
न्यायिक जाँच: याचिका में सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश (रिटायर्ड जज) की निगरानी में पूरे मामले की जाँच कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि धांधली के आरोपों की निष्पक्ष जाँच हो सके।
- लाठीचार्ज पर कार्रवाई: पटना में BPSC अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में, याचिका में संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिकाकर्ता ने इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की है और संभावना है कि अगले सप्ताह इस पर सुनवाई हो सकती है।
- BPSC द्वारा 13 दिसंबर को राज्यभर में सिविल सेवा के दो हजार पदों के लिए 70वीं प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। जिसके बाद पटना के गर्दनीबाग में BPSC परीक्षार्थी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे।
- आयोग ने बापू सेंटर के लगभग 12 हजार परीक्षार्थियों के लिए 4 जनवरी को फिर से परीक्षा आयोजित की। आंदोलनकारी छात्र सभी 4 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा की मांग पर अड़े हुए हैं। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी अभ्यर्थियों के समर्थन में पटना के गांधी मैदान में अनशन पर बैठे हैं।
70वीं BPSC पीटी री एग्जाम सहित 5 सूत्री मांगों को लेकर जनसुराज पार्टी के संरक्षक व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2 जनवरी की शाम से पटना के गांधी मैदान में अनशन पर बैठे हुए हैं। खुले आसमान में गांधी मूर्ति के पास कई अभ्यर्थी भी उनके साथ आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। आज अनशन का तीसरा दिन है और अब आंदोलनकारियों की सेहत पर असर दिख रहा है। प्रशांत किशोर सहित अभ्यर्थियों के हेल्थ चेकअप के लिए वहां डॉक्टर की टीम भी मौजूद हैं।





