BIHAR ELECTION : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय मंत्री और बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी दोपहर 12 बजे पूर्व मुख्यमंत्री व हम पार्टी के संरक्षक जीतन मांझी से पटना के सरकारी आवास पर मुलाकात करने जा रहे हैं। इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सीटों के बंटवारे और गठबंधन को लेकर रणनीति पर चर्चा करना है। भाजपा और हम पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार संपर्क बनाए जा रहे हैं। दोनों दलों के नेताओं की यह बैठक निर्णायक मानी जा रही है, क्योंकि इसके आधार पर बिहार में चुनावी समीकरण और गठबंधन की दिशा तय हो सकती है।
भाजपा के केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी इस बैठक में भाजपा की वर्तमान स्थिति, मतदाताओं की धारणा और संभावित सीटों की सूची पर विस्तार से चर्चा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में विशेष रूप से उन सीटों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां भाजपा और हम पार्टी के बीच संभावित प्रतिस्पर्धा या सहयोग की संभावना है।
इससे पहले दोनों दलों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन यह पहली बार है जब केंद्रीय मंत्री और शीर्ष नेतृत्व सीधे जीतन मांझी से मिलकर सीट बंटवारे और रणनीति पर चर्चा करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बैठक से बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की दिशा स्पष्ट हो सकती है और इसके परिणाम आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा असर डाल सकते हैं।
हम पार्टी के संरक्षक जीतन मांझी ने पहले ही संकेत दिए थे कि वह भाजपा के साथ सहयोग के पक्ष में हैं, लेकिन सीटों के बंटवारे और उम्मीदवार चयन पर अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही होगा। इस बैठक में दोनों दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
पटना के सरकारी आवास में होने वाली यह मुलाकात दोपहर 12 बजे शुरू होगी। बैठक में राजनीतिक रणनीति के अलावा प्रचार अभियान, उम्मीदवार चयन, और मतदाताओं तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक बिहार में भाजपा-हम गठबंधन के चुनावी अभियान की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
सभी पार्टियों की निगाहें इस बैठक पर हैं, क्योंकि यह तय करेगी कि बिहार विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारा किस प्रकार से होगा और गठबंधन की ताकत किस हद तक प्रभावी साबित होगी। बिहार की सियासी पटल पर यह बैठक एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने वाली है। इस मुलाकात के बाद पार्टी की रणनीति और सीटों के बंटवारे से जुड़ी घोषणाएं आने की संभावना है, जिससे बिहार के चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।






